विदिशा लोकेशन गंजबासौदा
जिला ब्यूरो संजीव शर्मा
बड़े बे आबरू होकर ,तेरे कूचे से हम निकले उत्कृष्ट विद्यालय विवाद का पटाक्षेप

गंजबासौदा विगत दो माह से चल रहे प्रभारी प्राचार्य के कार्य ओर व्यवहार को लेकर चल रहा विवाद नगर के चौक चौराहों की सुर्खियां बना हुआ है प्रतिदिन बदलते घटनाक्रम में कोई न कोई कर्मचारी महेश चंद्र शर्मा के अभद्र, अशालीन व्यवहार की शिकायत लेकर सामने आता रहा । उल्लेखनीय है कि महेश चंद शर्मा के पूरे सेवा काल में अधिकतम अधिकारियों से विवाद होता ही रहा ।
जिला शिक्षा अधिकारी ने दो जांच दल गठित कर जांच कराई ।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर
जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा ने महेश चंद्र शर्मा व्याख्याता का प्रभार हटाकर,अपने आदेश से विद्यालय के ही वरिष्ठ उच्च माध्यमिक शिक्षक प्रदीप चौरसिया को सौंप दिया ।
जैसे जैसे कार्यवाही आगे बढ़ती गई महेश चंद्र शर्मा अपना आपा खोते गए और
हद तो तब हो गई जब उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी का ही आदेश मानने से मना कर दिया ।
अपने अड़ियल रवैए ओर मनमानी करने वाले महेश शर्मा प्रभार न देने पर अड़े रहे ।
जब यह खबर बाहर आई तो सामूहिक तौर पर कुछ पत्रकार विद्यालय पहुंचे और सच्चाई जानना चाही, दुस्साहस करते हुए महेश शर्मा ने सभी पत्रकारों से अभद्रता की और उन्हें विद्यालय से बाहर निकल जाने को बोला, जिसे से स्थिति बिगड़ गई
दूसरी तरफ विद्यालय स्टाफ एक जुट होकर आज जिला शिक्षा अधिकारी से मिला ओर महेश शर्मा के व्यवहार की विस्तृत जानकारी दी ।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्टाफ को आश्वासन दिया की,यदि उन्होंने तत्काल प्रभार प्रदीप चौरसिया को प्रभार नहीं सौंपा तो फिर
शीघ्र ही महेश शर्मा के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
स्टाफ सदस्यों के सामूहिक आवेदन प्रस्तुत करने से यह बात पूरी तरह से साफ हो गई कि स्टाफ सदस्य महेश शर्मा से किस कदर पीड़ित है ।
महेश शर्मा कल से ही प्रभार न सौंपने की जुगत लगा रहे है,जिससे किसी भी प्रकार से चार्ज न देना पड़े
आज नगर में चटखारे लेकर चर्चा का दौर रहा की
अभद्र भाषा और व्यवहार बाला व्यक्ति किस व्यक्ति के सरंक्षण में अब तक कार्य करता रहा, यह भी विचारणीय है दूसरी ओर लोगो के मन में यह जिज्ञासा भी थी कि ऐसा क्या है कि विद्यालय का प्रभार महेश चंद्र शर्मा छोड़ना ही नहीं चाहते ?
आज जिला शिक्षा अधिकारी के हस्तक्षेप से महेश शर्मा का प्रभार बड़ी ही जद्दो जहद के बाद छीना जाकर प्रदीप चौरसिया को सोपा गया ।
इस घटनाक्रम में विद्यालय की छबि अधिक धूमिल हुई ।














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