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सोनभद्र -*शिक्षा क्षेत्र नगवां के पहाड़ी क्षेत्र देवहार विद्यालय में छात्र उपस्थिति एक*

*शिक्षा क्षेत्र नगवां के पहाड़ी क्षेत्र देवहार विद्यालय में छात्र उपस्थिति एक*

 

 

*कई विद्यालयों में छात्र उपस्थिति रही कम,शिक्षा व्यवस्था हुई बेपटरी*

 

 

*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

 

सोनभद्र शिक्षा क्षेत्र नगवां के दुरूह पहाड़ी क्षेत्रों के बेसिक स्कूलों में छात्र उपस्थिति नगण्य पाई गई ऐसा ही हाल आस पास के भी विद्यालयों भी छात्र उपस्थिति बहुत कम रही कई शिक्षक भी रहे नदारत गुरुजी लोग मोबाइल में ही टाइम पास कर रहे हैं। जबकि अप्रैल माह से नए छात्रों का नामीनेशन का भी सत्र है ऐसे में छात्र छात्राओं की उपस्थिति कम होना चिंता का विषय है जो शिक्षा विभाग के कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

नगवां ब्लॉक के दुरूह पहाड़ी क्षेत्रों में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पठन पाठन की गुणवत्ता पूरी तरह चरमरा गई है कही शिक्षक आए तो कही छात्र बिहिन रही विद्यालय।

प्राथमिक विद्यालय देवहार में 34 बच्चों का नामांकित छात्रों में पढ़ने सिर्फ एक छात्र पहुंचा था मिड डे मील में खाना बनाने वाली रसोइया भी रही अनुपस्थित अध्यापक से छात्रों की कम उपस्थिति का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस समय जंगलों में महुआ गिर रही है बच्चे महुआ बिनने चले जाते है इसी वजह है कम छात्र उपस्थिति हो रहे है।

बता दें कि देवहार विद्यालय अक्सर बंद ही पाया जाता है विद्यालय परिसर में घांस फूंस उग आए हैं चारो तरफ गंदगी का अंबार लगा है अध्यापक का कहना था कि कोई सफाई कर्मचारी कभी भी साफ सफाई करने नहीं आते हैं। जो भी हो सरकार शिक्षा व्यस्था और बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए प्रति वर्ष भारी बजट खर्च हो रहा है लेकिन शिक्षकों की मनमानी खंड शिक्षा अधिकारी की कुंभकर्णी निद्रा से शिक्षा व्यस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं जब कोई व्यक्ति शिक्षकों को लेकर शिकायत करता है तो खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा SIR का हवाला देकर शिक्षकों का बचाव करते हुए शिकायत का निस्तारण कर देते है जिससे साफ होता है कि शिक्षा विभाग में चल रहा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है जब इस मामले में बीएसए सोनभद्र का पक्ष जानने का प्रयास किया जाता है तो वे फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझते। अभिभावकों ने सुत्रों ने बताया कि यहां पर कई अध्यापक से है जो कभी भी विद्यालय नहीं जाते उसके बदले महीना सेट कर रक्खा है और कुछ लोग पारी के हीसाब आते जाते हैं नगवां में जितने में विद्यालय के रंगाई पोताई रख रखाव के लिए सरकारी धन दिया गया बिना कुछ कराए ही सब गोल माल होगा जिलाधिकारी सोनभद्र से नगवां ब्लॉक में बेपटरी हो चुकी शिक्षा विभाग की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। ताकि गरिबों के बच्चों को भी शिक्षा मिल सके

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