कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर दो अहम बैठकों का आयोजन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं समाज के भविष्य कहे जाने वाले विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन गंभीर नजर आया। इसी क्रम में आज कलेक्टर कार्यालय पांढुर्णा के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जघन्य, सनसनीखेज एवं चिन्हित अपराधों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक तथा जिला कार्यबल (District Task Force) की प्रथम बैठक आयोजित की गई।
जघन्य एवं चिन्हित अपराधों की समीक्षा

प्रथम बैठक में जिले में दर्ज गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में भय और आम नागरिकों में विश्वास बना रहे।
उन्होंने लंबित मामलों में शीघ्र चालान प्रस्तुत करने, साक्ष्य संकलन में लापरवाही न बरतने तथा पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने पर विशेष जोर दिया।
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सुंदर सिंह कनेश, अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीओपी पांढुर्णा श्री ब्रजेश भार्गव, एसडीओपी सौसर श्रीमती प्रियंका पांडेय सहित पुलिस, अभियोजन एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष मंथन

इसके पश्चात कलेक्टर श्री वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला कार्यबल की प्रथम बैठक आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, छात्र आत्महत्याओं की रोकथाम एवं शिक्षण संस्थानों में सहयोगात्मक वातावरण निर्माण पर गंभीर चर्चा हुई।
कलेक्टर ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स के सर्वे में सभी शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिले के सभी कोचिंग सेंटर्स का अनिवार्य पंजीयन, समय-समय पर निरीक्षण एवं रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षण संस्थानों में नियमित काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों को मानसिक, भावनात्मक एवं शैक्षणिक स्तर पर सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है।
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सुंदर सिंह कनेश, अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रेक्षा पाठक, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल सुरक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इन दोनों बैठकों के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और साथ ही विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासनिक, पुलिस एवं शैक्षणिक संस्थानों के समन्वय से जिले को सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

















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