सस्ता सुलभ एवं शीघ्र न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है लोक अदालत- प्रधान जिला न्यायाधीश श्री चौहान
जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश
रिपोर्टर मोहम्मद आलम खान

आगर मालवा, 13 दिसंबर।जिला मुख्यालय आगर-मालवा तथा तहसील मुख्यालय सुसनेर एवं नलखेड़ा न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 की अन्तिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर 2025 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री डी.एस. चौहान के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री डी.एस. चौहान आगर-मालवा के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर एवं माॅ सरस्वती एवं महात्मागांधी के छायचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर समस्त न्यायाधीशगण, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री सुरेन्द्र मारू सहित अन्य अधिवक्तागण, न्यायालयीन अधिकारी, कर्मचारी, विधुत विभाग, बैंक, नगरपालिका आदि के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन फारूक अहमद सिद्दीकी जिला विधिक सहायता अधिकारी ने किया।

नेशनल लोक अदालत में शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री डी.एस. चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरण सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटते है जिसमें पक्षकार आपसी सहमति एवं स्वैच्छा, सहमति से राजीनामा करते हैं नेशनल लोक अदालत सस्ता सुलभ एवं शीघ्र न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है नेशनल लोक अदालत में प्रकरण का अन्तिम रूप से निपटारा हो जाता है और दोनों ही पक्षों में से न कोई जीतता है और ना ही कोई हारता है इस अवसर पर श्रीमती अश्विनी सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगर-मालवा ने नेशनल लोक अदालत की सफलता के लिए सभी को प्रेरित किया।

जिले में लोक अदालत की 09 खंडपीठों के माध्यम से कुल 403 न्यायालय में लंबित प्रकरणों में सुनवाई की जाकर 295 प्रकरणों में राजीनामा करवाया गया तथा 70 लाख 03 हजार 412 रूपये के अवार्ड पारित किये गये इसी प्रकार प्री लिटिगेशन प्रकरणों में 377 प्रकरणों में सुनवाई की जाकर 215 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 59 लाख 03 हजार 495 रूपये की राशि जमा हुई नेशनल लोक अदालत में पारिवारिक मामलों में 72 प्रकरणों में से 47 प्रकरणों का निराकरण हुआ कई अलग रह रहे परिवार फिर से एक साथ रहने को तैयार हुए। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 780 प्रकरणों में से 510 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर 867 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। नेशनल लोक अदालत में दिन भर पक्षकारों की भीड़ रही जिसमें सबसे अधिक पक्षकार विधुत विभाग के स्टाल पर देखे गये विधुत विभाग के प्री लिटिगेशन प्रकरणों में भी 08 लाख पचास हजार रूपये की राशि जमा हुई।

नेशनल लोक अदालत सफलता की कहानी
पति और पत्नि के बीच हुआ नेशनल लोक अदालत में राजीनामा।
आवेदक एवं अनावेदिका का विवाह हिन्दु रिति-रिवाज से वर्ष 2016 में अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर जिला झालावाड़ राजस्थान में सम्पन्न हुआ। दोनों ही पति पत्नि खुशी खुशी अपना वैवाहिक जीवन यापन कर रहे थे एवं खुशहाल परिवार चल रहा था परिवार में आवेदक एवं अनावेदिका तथा उनकी दो पुत्रियां थी। विवाह के कुछ वर्ष पश्चात दोनों में छोटी-छोटी बातों को लेकर लडाई झगड़ा होने लगा जिसके परिणाम स्वरूप अनावेदिका अपने पति के घर से वर्ष 2023 में अपने माता पिता के घर माईके रहने चली गई एवं आवेदक के बार-बार समझाने पर भी घर न आने की कसम खा ली। उक्त स्थिति को देखते हुए आवेदक ने श्रीमान मधुसूदन जंघेल द्वितीय जिला न्यायाधीश आगर-मालवा के न्यायालय में धारा 09 हिन्दु विवाह अधिनियम अन्तर्गत वैवाहिक संबंधों की पुर्नस्थापना हेतु याचिका दायर की। श्री मधुसूदन जंघेल द्वितीय जिला न्यायाधीश आगर-मालवा के अथक प्रयासों से दोनों पक्षों को समझाईश दी गई जिससे नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्षों में आपसी समझौता से दोनों पक्ष खुशी खुशी एक साथ अपने घर चले गए। इस प्रकार लोक-अदालत के माध्यम से बच्चों को माता एवं पिता दोनों का प्यार मिलने लगा।


















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