शासकीय माध्यमिक शाला गुजरखेड़ी, पांढुर्णा में विधिक संबंधी जानकारी हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय श्रीमान् सुशांत हुद्दार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के कुशलमार्गदर्शन व श्रीमान् आमोद आर्य जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय तहसील विधिक सेवा समिति पांढुर्णा की उपस्थिति में न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह दिनांक 09.11.2025 से दिनांक 14.11.2025 के अंतर्गत दिनांक 11.11.2025 को शासकीय माध्यमिक शाला गुजरखेड़ी, पांढुर्णा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित विद्यार्थीगणों को श्रीमान आमोद आर्य जिला न्यायाधीश पांढुर्णा द्वारा विधि की जानकारी प्रदान की। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत बच्चे विधिक सेवाओं के लाभार्थी हैं। यह अधिनियम विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन करने के लिए, अधिनियमित किया गया ताकि कोई भी नागरिक आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण न्याय प्राप्ति के अवसर से वंचित न रहे जिससे समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को निःशुल्क एवं उचित विधिक सेवा प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जा सके। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 सी के अंतर्गत एक बालक जिसे मुकदमा दायर अथवा प्रतिरक्षा करना है, विधिक सेवाओं का हकदार है। इसलिये, यह विभिन्न विधिक सेवा संस्थानों का कर्तव्य है कि वह विधि के साथ संघर्ष मे बालक को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करें और उनके मामलों का त्वरित निपटान करें। इस पृष्ठभूमि में, योजना विधिक सेवा संस्थानों (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुक विधिक सेवा समिति, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति) के लिए तैयार की गई है कि इसका पालन बच्चों को विधिक सेवा देते समय किया जाए। शिविर में श्री घनश्याम गोरे प्रधान पाठक शासकीय माध्यमिक शाला गुजरखेड़ी, पांढुरना तथा अन्य शिक्षकगण श्री सेवकराम पराडकर, श्रीमती जयश्री मोहड़ सहित श्री प्रदीप कुमार गढ़ेवाल सहायक ग्रेड-तीन तहसील विधिक सेवा समिति अपर सत्र न्यायालय पांढुरना उपस्थित हुये।


















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