खुशियों की नई किरण : पांढुर्णा सिविल अस्पताल में तीन दिनों में तीन सफल सर्जरी
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

आधुनिक ऑपरेशन थिएटर से बढ़ी उम्मीदें, स्थानीय मरीजों को मिली बड़ी राहत
पांढुर्णा – स्थानीय सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। वर्षों बाद अस्पताल में शुरू हुई अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाओं ने क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत दी है। अब तक जिन मरीजों को गंभीर ऑपरेशन के लिए नागपुर या छिंदवाड़ा जाना पड़ता था, वे अब अपने ही शहर में इलाज की सुविधा पा रहे हैं।
अस्पताल में हाल ही में बनाए गए दो अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर का उपयोग शुरू होते ही सफलता की नई कहानी लिखी गई है। पिछले तीन दिनों में लगातार तीन जटिल सर्जरी को चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इन ऑपरेशनों में हड्डी और नेत्र से संबंधित उपचार शामिल रहे।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय नवागत कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, पूर्व मंत्री श्री नाना मोहोड़, और प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के प्रयासों को दिया जा रहा है। इनके संयुक्त प्रयासों से सिविल अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था को सशक्त करने का अभियान चलाया गया, जिसके तहत उच्चस्तरीय उपकरणों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की व्यवस्था की गई है।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपेंद्र सलामे ने बताया कि हाल ही में किए गए तीनों ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहे।
पहली सर्जरी नीलकंठ निवासी श्री हरिचंद्र कुसराम की की गई, जिनकी पैर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी। यह ऑपरेशन डॉ. नीलेश धाड़से और उनकी टीम ने अत्यंत कुशलता से संपन्न किया। इसके बाद चाटवा निवासी श्रीमती सुरेखा मरकाम के हाथ जलने के बाद उनका भी ऑपरेशन किया गए, जो सफल रहा। वहीं, एक अन्य मरीज की आंखों की सर्जरी भी पूरी तरह सफल रही है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन सर्जरियों की सफलता के साथ अब पांढुर्णा में मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं होगी। आपातकालीन और नियमित दोनों तरह के ऑपरेशन अब स्थानीय स्तर पर किए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल पांढुर्णा, बल्कि आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आई है। इन ऑपरेशन थिएटरों के माध्यम से अब क्षेत्र के सैकड़ों मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिलेगी।
सिविल अस्पताल की इस उपलब्धि ने शहरवासियों के बीच विश्वास और संतोष दोनों बढ़ाए हैं। लोग इसे “पांढुर्णा की स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत” के रूप में देख रहे हैं। नई सुविधाएँ जहाँ चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा दे रही हैं, वहीं मरीजों और उनके परिवारों के चेहरों पर “खुशियों की दास्तां” लिख रही हैं।

















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