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विश्व हिंदू परिषद की कड़ी आपत्ति: गौ मांस करमुक्ति अधिसूचना पर तत्काल निरस्ती की मांग

विश्व हिंदू परिषद की कड़ी आपत्ति: गौ मांस करमुक्ति अधिसूचना पर तत्काल निरस्ती की मांग

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – विश्व हिंदू परिषद ज़िला छिंदवाड़ा/पांढुर्ना प्रतिनिधि दल ने स्वामी वासुदेवानंद भारती और विहिंप जिला महामंत्री सुभाष गड़ेकर की उपस्थिति में पांढुरना कलेक्टर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौपा ओर ज्ञापन देते समय कहा कि शाशन द्वारा हाल ही में गौ मांस को करमुक्त घोषित करने की अधिसूचना 18 सितम्बर 2025 सीरियल क्रमांक 7 अध्याय – उपशीर्षक टैरिफ/शीर्षक मद 0201 गौ वंशीय पशुओ का मांस ताजा , ठंडा टैक्स फ्री जारी की गई है । यह निर्णय न केवल मध्यप्रदेश गौ वंश वध प्रतिषेध अधिनियम के विपरीत है , बल्कि समाज मे गहरा असन्तोष एवं असंतोष फैलाने वाला भी है विहिप ने आरोप लगाते हुए कहां की गौ माँस पर करमुक्ति देना , वस्तुतः गौ हत्या को प्रोत्साहन देने जैसा है । एक ओर राज्य सरकार “गौ संरक्षण वर्ष” मना रही है , वही दूसरी और इस प्रकार का आदेश शासन की अपनी ही नीतियों एवं हिन्दू समाज की आस्थाओ का विरोधाभास प्रदर्शित करता है । यह कदम जनभावनाओं को गहरी ठेस पहुचाने वाला है और सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकता है ।
विहिप ने निम्न मांगो की सरकार से मांग की –

विश्व हिंदू परिषद ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में जारी गौ मांस को करमुक्त घोषित करने की अधिसूचना पर कड़ी आपत्ति जताई है। परिषद ने मांग की है कि इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और मध्य प्रदेश गौ संरक्षण अधिनियम के अनुसार गौ मांस और उसकी संतति के मांस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

विश्व हिंदू परिषद की मांगें:

– गौ मांस करमुक्ति अधिसूचना निरस्त करना: परिषद ने मांग की है कि इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
– गौ मांस और संतति के मांस पर पूर्ण प्रतिबंध: मध्य प्रदेश गौ संरक्षण अधिनियम के अनुसार गौ मांस और उसकी संतति के मांस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
– अवैध कसाइखानों पर कार्रवाई: छोटे जिलों और तहसीलों में चल रहे अवैध कसाइखानों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
– कसाईखाना नियंत्रण समिति का गठन: राज्य और जिला स्तर पर कसाईखाना नियंत्रण समिति का गठन कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
– गौ मांस की मिलावट पर रोक: विभिन्न मांस बाजारों में उपलब्ध मांस का रैंडम सैंपल परीक्षण कर गौ मांस की मिलावट पर रोक लगाई जाए।
– गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना: गौमूत्र और गोबर से बने उत्पादों को करमुक्त कर गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
– उच्च-स्तरीय जांच: किसी भी कसाईखाने या परिवहन के दौरान यदि गौ मांस पाया जाता है तो उसकी जांच उच्च-स्तरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाए और अपराध को गंभीरता से लिया जाए।

परिषद ने आरोप लगाया है कि गौ मांस को करमुक्त करना वस्तुतः गौ हत्या को प्रोत्साहन देना है, जो मध्य प्रदेश गौ वंश वध प्रतिषेध अधिनियम के विपरीत है। यह निर्णय समाज में गहरा असंतोष फैलाने वाला है और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है

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