पांढुर्णा कलेक्टर कार्यालय स्थान चयन विवाद: कांग्रेस का हल्ला बोल!
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुर्णा मध्य प्रदेश

पांढुर्णा – जिले में कलेक्टर कार्यालय के लिए वरुड़ रोड पर शनि मंदिर के पास चिन्हित की गई जमीन को लेकर राजनीतिक विरोध अब उग्र रूप लेता जा रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा धरना एवं विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके, सौसर विधायक विजय चौरे, पांढुरना विधायक निलेश उईके के साथ ही सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।कांग्रेस के सौसर विधायक विजय चौरे ने इस निर्णय पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे रेत और शराब माफिया के दबाव में लिया गया फैसला बताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय जनहित के विरुद्ध है और इससे जनता को भारी परेशानी होगी।
कांग्रेस के आरोप:
– जनता की अनदेखी: कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन ने इस निर्णय में जनता की जरूरतों और सुविधाओं की अनदेखी की है। बस स्टैंड से दूर स्थित इस जमीन तक पहुँचने में आम जनता को अधिक समय और पैसा खर्च करना पड़ेगा, जिससे सरकारी सेवाओं की सुलभता में बाधा उत्पन्न होगी।
– प्रशासनिक अड़ियल रवैया: कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी जनसुनवाई या स्थानीय हितधारकों के परामर्श के यह निर्णय लिया है, जो प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
– माफिया का हस्तक्षेप: विजय चौरे का आरोप है कि जमीन का चयन रेत और शराब माफिया के प्रभाव में किया गया है, जो इस पूरे मामले को विवादास्पद बना रहा है।

कांग्रेस की चेतावनी:
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे NH47 को जाम करेंगे और पांढुर्णा-सौसर को बंद कर देंगे। प्रशासन और सरकार के सामने अब यह चुनौती है कि वे विरोध करने वालों के आरोपों पर गौर करें और एक ऐसा समाधान निकालें जो सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य हो और जनहित में हो।
अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है। क्या वे कांग्रेस के आरोपों पर ध्यान देंगे और जमीन के चयन के निर्णय को बदलेंगे या फिर अपने निर्णय पर अड़े रहेंगे? यह मामला अब और भी दिलचस्प होता जा रहा है, और सभी की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं।


















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