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ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान और विज़न 2030: मध्य प्रदेश के जनजातीय गांवों का सुनहरा भविष्य

ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान और विज़न 2030: मध्य प्रदेश के जनजातीय गांवों का सुनहरा भविष्य

लेखक: हरि शंकर पराशर

मध्य प्रदेश, जिसे भारत का हृदय कहा जाता है, अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए विख्यात है। यहां की लगभग 21% आबादी, यानी 1.53 करोड़ से अधिक लोग, अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से हैं। भील, गोंड, कोल, बैगा, भारिया और सहरिया जैसी जनजातियां इस प्रदेश की पहचान हैं। इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक प्रगति के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने दो महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं— *ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान* और *ट्राईबल विलेज विज़न 2030*। ये योजनाएं न केवल जनजातीय गांवों की तस्वीर बदल रही हैं, बल्कि 2030 तक इन्हें आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का संकल्प ले रही हैं।

## ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान: गांवों की दशा बदलने की मुहिम

*ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान* मध्य प्रदेश के 11,294 जनजातीय बाहुल्य गांवों, जहां एसटी आबादी 50% से अधिक है, के लिए एक ठोस कार्ययोजना है। यह योजना जनजातीय कार्य विभाग के नेतृत्व में चल रही है और इसका लक्ष्य मूलभूत सुविधाओं जैसे स्वच्छ पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा को हर जनजातीय परिवार तक पहुंचाना है। यह योजना ट्राइबल सब-प्लान (TSP), मॉडिफाइड एरिया डेवलपमेंट एप्रोच (MADA) और क्लस्टर क्षेत्रों पर आधारित है, जिसमें 49 TSP क्षेत्र, 39 MADA पॉकेट और 5 क्लस्टर शामिल हैं।

### क्या हैं इसकी खासियतें?
1. *इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास*: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 41 जिलों में सड़कें, पुल, चेकडैम और सीसी रोड बनाए जा रहे हैं। जनजातीय कार्य विभाग ने 177 नए तकनीकी पदों के साथ अपना स्वतंत्र विंग बनाया है, जिससे कार्यों में तेजी आई है।
2. *शिक्षा और कौशल*: 100 से अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। आदि कर्मयोगी अभियान से 3 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण स्तर पर शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
3. *स्वास्थ्य और पोषण*: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। कुपोषण के खिलाफ राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के तहत विशेष अभियान चल रहे हैं।
4. *आर्थिक सशक्तीकरण*: ट्राइबल मार्ट योजना के तहत खंडवा, मंडला और शहडोल में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं। इनमें आदिवासी महिलाओं को 2 करोड़ तक का लोन और संचालन का जिम्मा मिल रहा है। वन धन योजना से गैर-काष्ठ वन उत्पादों (NTFP) का प्रसंस्करण हो रहा है।
5. *सांस्कृतिक संरक्षण*: जबलपुर का राजा शंकर शाह संग्रहालय और 28 गांवों में शुरू हुए 64 होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे जनजातीय कला और परंपराएं संरक्षित हो रही हैं।

## ट्राईबल विलेज विज़न 2030: भविष्य का ब्लूप्रिंट

*ट्राईबल विलेज विज़न 2030* एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण है, जो जनजातीय गांवों को 2030 तक आत्मनिर्भर, डिजिटल और सतत विकास के रास्ते पर ले जाएगा। यह विज़न “विकसित मध्य प्रदेश @2047” और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से प्रेरित है। इसका लक्ष्य है कि हर जनजातीय गांव में 100% साक्षरता, शून्य कुपोषण और डिजिटल कनेक्टिविटी हो।

### प्रमुख लक्ष्य:
– *आर्थिक समृद्धि*: गैर-काष्ठ वन उत्पादों और पर्यटन से प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना।
– *सामाजिक समानता*: लिंग समानता और महिला सशक्तीकरण पर जोर, साथ ही एससी/एसटी आरक्षण का पूर्ण लाभ।
– *पर्यावरण संरक्षण*: वन-आधारित अर्थव्यवस्था को जलवायु-अनुकूल बनाना।
– *डिजिटल क्रांति*: डिजिटल विलेज योजना से वाई-फाई और ई-गवर्नेंस की सुविधा।

## कैसे हो रहा है अमल?

मध्य प्रदेश सरकार ने जनजातीय कार्य विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है, जो भोपाल से संचालित होता है। जिला स्तर पर कलेक्टरों की अध्यक्षता में समितियां और गांव स्तर पर ग्राम सभाएं कार्यान्वयन में भागीदार हैं। MPOnline पोर्टल से प्रगति की निगरानी होती है, और टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-2333-951) शिकायतों का समाधान करती है। केंद्र और राज्य सरकार के साथ विश्व बैंक और TRIFED जैसे साझेदार इसकी वित्तीय रीढ़ हैं।

## चुनौतियां और समाधान

कई जनजातीय गांव जंगलों में बसे हैं, जहां पहुंच मुश्किल है। परंपरागत जीवनशैली और संसाधनों की कमी भी बाधा है। इनसे निपटने के लिए ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक, स्थानीय भाषाओं में जागरूकता और जलवायु-अनुकूल मॉडल अपनाए जा रहे हैं।

## अब तक की उपलब्धियां

2025 तक ट्राइबल मार्ट ने 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया। EMRS में नामांकन 50% बढ़ा। 2030 तक सभी गांव डिजिटल बनने की राह पर हैं। भविष्य में AI और ब्लॉकचेन से पारदर्शिता बढ़ेगी।

## अंत में

ट्राईबल विलेज एक्शन प्लान और विज़न 2030 मध्य प्रदेश के जनजातीय समुदायों के लिए एक नई सुबह का वादा हैं। ये योजनाएं न केवल आर्थिक उन्नति ला रही हैं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक धरोहर को भी सहेज रही हैं। सरकार और समुदाय के संयुक्त प्रयासों से 2030 तक मध्य प्रदेश के जनजातीय गांव विकास की नई मिसाल बनेंगे। अधिक जानकारी के लिए www.tribal.mp.gov.in पर जाएं।

*लेखक: हरि शंकर पराशर*
(वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक विश्लेषक)

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