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कटनी लोकसभा सीट: वर्तमान स्थिति और परिसीमन की संभावनाएं

कटनी लोकसभा सीट: वर्तमान स्थिति और परिसीमन की संभावनाएं

हरिशंकर पाराशर, कटनी, 26 अगस्त 2025:

कटनी वर्तमान में मध्य प्रदेश के खजुराहो लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। खजुराहो लोकसभा सीट में कटनी जिले की तीन विधानसभा सीटें (विजयराघवगढ़, मुरवारा, और बहोरीबंद), पन्ना जिले की तीन विधानसभा सीटें (पन्ना, गुन्नौर, और पवई), और छतरपुर जिले की दो विधानसभा सीटें (चंदला और राजनगर) शामिल हैं। वर्तमान में खजुराहो लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) सांसद हैं, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की मीरा दीपक यादव को 5,41,229 मतों के अंतर से हराया था।
कटनी में स्वतंत्र लोकसभा सीट की संभावना
2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रस्तावित परिसीमन के बाद कटनी को स्वतंत्र लोकसभा सीट का दर्जा मिलने की संभावना पर चर्चा जोरों पर है। परिसीमन आयोग, जिसके अध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव हैं, 2026 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण करेगा। कटनी जिले की बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक महत्व, और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए इसे खजुराहो से अलग कर एक नई लोकसभा सीट बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
कटनी जिले में वर्तमान में चार विधानसभा सीटें हैं: विजयराघवगढ़, बरही, बहोरीबंद, और मुरवारा। परिसीमन के बाद कटनी में एक नई विधानसभा सीट बनने की संभावना है, जिससे कुल सीटें पांच हो सकती हैं। इसके अलावा, पन्ना जिले की शाहनगर और रैपुरा तहसीलों को कटनी में शामिल करने की योजना है, जिससे कटनी का भौगोलिक और राजनीतिक दायरा बढ़ेगा। यदि कटनी को स्वतंत्र लोकसभा सीट का दर्जा मिलता है, तो इसमें कटनी की पांच विधानसभा सीटों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की कुछ अन्य विधानसभा सीटें शामिल हो सकती हैं।
खजुराहो लोकसभा सीट का वर्तमान परिदृश्य
निर्वाचन क्षेत्र: खजुराहो लोकसभा सीट सामान्य श्रेणी की सीट है, जिसमें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए कोई आरक्षण नहीं है।
वर्तमान सांसद: विष्णु दत्त शर्मा (भाजपा), 2019 और 2024 में विजयी।
2024 चुनाव परिणाम: वीडी शर्मा ने 6,07,921 मतों के साथ जीत हासिल की, जबकि सपा की मीरा दीपक यादव को 66,692 मत मिले।
प्रमुख मुद्दे: खजुराहो क्षेत्र में पर्यटन (विशेष रूप से खजुराहो मंदिर), औद्योगिक विकास (कटनी का सीमेंट और खनन उद्योग), और ग्रामीण विकास प्रमुख मुद्दे हैं।
परिसीमन का प्रभाव
परिसीमन के बाद मध्य प्रदेश की लोकसभा सीटें 29 से बढ़कर 35-40 तक हो सकती हैं, और विधानसभा सीटें 230 से बढ़कर 280 तक पहुंच सकती हैं। कटनी को स्वतंत्र लोकसभा सीट मिलने से खजुराहो लोकसभा क्षेत्र का पुनर्गठन होगा, जिसमें छतरपुर और पन्ना की विधानसभा सीटों का समायोजन किया जा सकता है। इसके अलावा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिसका असर कटनी की संभावित नई लोकसभा सीट पर भी पड़ सकता है।
राजनीतिक समीकरण
भाजपा: खजुराहो लोकसभा सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है, और कटनी में भी पार्टी का मजबूत आधार है। कटनी की मुरवारा और विजयराघवगढ़ विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। स्वतंत्र लोकसभा सीट बनने पर भाजपा अपने संगठन को और मजबूत करने की रणनीति बनाएगी।
कांग्रेस और सपा: कांग्रेस ने 2024 के चुनाव में खजुराहो सीट पर सपा के साथ गठबंधन किया था, लेकिन सपा की हार ने गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। कटनी में स्वतंत्र सीट बनने पर कांग्रेस और सपा दोनों अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
निष्कर्ष
कटनी वर्तमान में खजुराहो लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन परिसीमन के बाद इसे स्वतंत्र लोकसभा सीट का दर्जा मिलने की संभावना है। यह बदलाव कटनी के राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व को बढ़ाएगा। परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट और 2026 की जनगणना के आंकड़े इसकी दिशा तय करेंगे। कटनी के मतदाताओं और राजनीतिक दलों में इस संभावना को लेकर उत्साह और रणनीतिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

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