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उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 – बी. सुदर्शन रेड्डी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 – बी. सुदर्शन रेड्डी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार

नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की दौड़ ने एक नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि विपक्षी इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और गोवा के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद की। रेड्डी का मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से होगा।
बी. सुदर्शन रेड्डी: पृष्ठभूमि और प्रोफाइल
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के आकुला मायलारम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने कानून में स्नातक (LLB) की डिग्री हासिल की, संभवतः आंध्र विश्वविद्यालय या किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्थान से। अपने कानूनी करियर की शुरुआत उन्होंने एक वकील के रूप में की और बाद में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त हुए। 1995 में वे आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने और 2007 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए, जहां उन्होंने 2011 तक अपनी सेवाएं दीं।
सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान, जस्टिस रेड्डी ने सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और संवैधानिक मामलों पर कई महत्वपूर्ण फैसले दिए, जिन्होंने उनकी निष्पक्ष और प्रगतिशील न्यायिक छवि को मजबूत किया। रिटायरमेंट के बाद, वे गोवा के लोकायुक्त बने, जहां उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी मामलों में अपनी निष्पक्षता और दृढ़ता का परिचय दिया। उनकी कानूनी विशेषज्ञता और गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि को इंडिया गठबंधन ने इस चुनाव में अपनी सबसे बड़ी ताकत माना है।
इंडिया गठबंधन की रणनीति
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।” गठबंधन की बैठक में टीएमसी, डीएमके, और आम आदमी पार्टी सहित सभी सहयोगी दलों ने रेड्डी के नाम पर सर्वसम्मति जताई। टीएमसी ने गैर-राजनीतिक उम्मीदवार की मांग की थी, जबकि डीएमके दक्षिण भारत से एक मजबूत चेहरा चाहती थी। रेड्डी का चयन इन दोनों शर्तों को पूरा करता है।
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, “जस्टिस रेड्डी की उम्मीदवारी इंडिया गठबंधन की एकजुटता और विचारधारा की मजबूती का प्रतीक है। उनकी कानूनी पृष्ठभूमि और निष्पक्ष छवि उन्हें उपराष्ट्रपति के पद के लिए एक आदर्श उम्मीदवार बनाती है।”
चुनावी मुकाबला और प्रक्रिया
उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा, जिसमें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के 790 सांसद मतदान करेंगे। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के तहत गुप्त मतदान द्वारा होगा, जिसमें विजेता को लगभग 394 वोटों का कोटा हासिल करना होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2025 है, और दोनों उम्मीदवार, बी. सुदर्शन रेड्डी और सीपी राधाकृष्णन, उसी दिन अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन, जो एक अनुभवी राजनेता और संगठनात्मक नेता हैं, को गठबंधन की मजबूत स्थिति का लाभ मिल सकता है। हालांकि, रेड्डी की निष्पक्ष और गैर-राजनीतिक छवि विपक्ष को क्रॉस-वोटिंग के जरिए कुछ सांसदों का समर्थन दिला सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव विचारधारा और गठबंधन की एकजुटता का एक महत्वपूर्ण परीक्षण होगा।
आगे की राह
उपराष्ट्रपति का पद न केवल संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्यसभा के सभापति के रूप में संसदीय कार्यवाही में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जस्टिस रेड्डी की कानूनी पृष्ठभूमि और संवैधानिक विशेषज्ञता उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाती है। दूसरी ओर, एनडीए की मजबूत संख्या और राधाकृष्णन का राजनीतिक अनुभव इस मुकाबले को रोचक बनाता है।
9 सितंबर को होने वाला यह चुनाव देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ेगा। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी की निष्पक्ष छवि और कानूनी अनुभव इंडिया गठबंधन को इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में जीत दिला पाएंगे।

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