बरही में सावन के अंतिम सोमवार को भव्य कांवड़ यात्रा, बाबा विजयनाथ धाम में जलाभिषेक और भंडारे से गूंजा माहौल
कुनिया धाम से निकली विशाल कावड़ यात्रा का समापन विजयनाथ धाम में जलाभिषेक के साथ
हरिशंकर पाराशर सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता

बरही, कटनी। सावन मास के अंतिम सोमवार को कटनी जिले के बरही नगर में भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन हुआ। बाबा विजयनाथ धाम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और “बोल बम” के उद्घोष से वातावरण शिवमय हो गया। कोनिया माता धाम से महानदी का पवित्र जल लेकर भक्तों ने 10-12 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी की और बाबा विजयनाथ धाम में भगवान शिव व माता पार्वती का जलाभिषेक, हवन, पूजन व भंडारा आयोजित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
*आस्था और भक्ति का अनुपम संगम*
कांवड़ यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कोनिया माता धाम, जो बरही से 10 किलोमीटर दूर बाणसागर जल भराव क्षेत्र में स्थित है, आस्था का प्रमुख केंद्र रहा। भक्तों ने महानदी का पवित्र जल कांवड़ में भरकर बाबा विजयनाथ धाम तक की यात्रा की, नाचते-गाते और भक्ति में लीन होकर भगवान शिव की आराधना की। कोनिया धाम में मां काली का भव्य मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल आकर्षण का केंद्र रहे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा ने इसके महत्व को और बढ़ाया है।
*नन्हे कांवड़ियों ने बटोरी सुर्खियां*
यात्रा में छोटे-छोटे बच्चों की भागीदारी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। नन्हे कांवड़िए अपने सुनहरे भविष्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर बाबा के चरणों में पहुंचे, जिसने यात्रा को और आलौकिक बना दिया।
*भंडारा और सेवा कार्यों ने बढ़ाया उत्साह*
भक्तों की सुविधा के लिए सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने सेवा कार्य किए। वरिष्ठ पत्रकार दीपक अग्रवाल के परिवार, बोल बम समिति और यश पाठक के मित्र मंडल ने मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया। पवन तिवारी, अवनीश सिंह, गुरु गोस्वामी, तीरथ पटेल आदि ने यात्रा मार्ग पर जलपान और विश्राम के लिए स्टॉल लगाए, जहां कांवड़ियों को ठंडा पानी, शरबत और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं। भारतीय हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने सिद्ध स्थल पर फल वितरण का आयोजन किया।
*कोनिया धाम: मां काली की आस्था का केंद्र*
बरही से 10 किलोमीटर दूर कोनिया धाम मां काली का पवित्र तीर्थ स्थल है। पुजारी इंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में यहां नवरात्रि और 26 जनवरी को भव्य मेला आयोजित होता है। सावन मास में भी श्रद्धालु महानदी का जल लेकर बाबा विजयनाथ धाम पहुंचे और जलाभिषेक किया।
*भक्तों की मंगल कामना*
कांवड़ यात्रा में भक्तों ने भगवान शिव और माता पार्वती से सुख, शांति व समृद्धि की प्रार्थना की। कई भक्तों ने अगले वर्ष पुनः इस यात्रा में शामिल होने की कामना की। हवन, पूजन और भंडारे ने इस अवसर को और भव्य बनाया।
*प्रशासन और संगठनों का सहयोग*
यात्रा के सुचारु संचालन के लिए स्थानीय प्रशासन और धार्मिक संगठनों ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, छाया, पानी और विश्राम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की।
*सावन का विशेष महत्व*
सावन मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस मास में भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। बरही की यह कांवड़ यात्रा भक्ति और आस्था का अनुपम संगम रही, जो श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गई।
यह समाचार अखबार में प्रकाशन हेतु प्रेषित है।

















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