Advertisement

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर पंचायती राज विभाग सख्त

सत्यार्थ न्यूज़ भीलवाड़ा

अब्दुल सलाम रंगरेज

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर पंचायती राज विभाग सख्त

पंचायते चारागाह व तालाब पेटा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने हेतु प्रभावी कदम उठाए

भीलवाड़ा

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चरागाह भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर पंचायती राज विभाग सख्त हो गया है। पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि गांव की चरागाह भूमि ग्रामीणों की धरोहर है इस पर निजी स्वार्थ के लिए कब्जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्राम ग्राम पंचायतों की अनदेखी के चलते आबादी भूमि पर अतिक्रमण के साथ-साथ चरागाह की भूमि पर भी अतिक्रमण कर लिए गए हैं। पंचायत की लापरवाही के चलते भू माफियाओं द्वारा चरागाहों पर अतिक्रमण हो गए हैं और कई जगह निर्माण तक कर दिए गए हैं। इसी प्रकार तालाब के पेटा क्षेत्र में लोगों ने अतिक्रमण कर लिए हैं। पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतें चरागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। और संबंधित समितियों को सक्रिय करें। भीलवाड़ा जिले में कई ग्राम पंचायते ऐसी है जहां चरागाह पर अतिक्रमण होने के साथ उस क्षेत्र में खनन तक हो रहा है। लेकिन जिला प्रशासन इस मामले में लंबे समय से चुप्पी साधे हुए है।

राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अनुसार, हर ग्राम पंचायत में चरागाह विकास के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन अनिवार्य है। कहीं पंचायत में ऐसी समितियों का अभी तक गठन नहीं हुआ है।इस समिति की अध्यक्षता संबंधित वार्ड पंच करेगा, जबकि चार सदस्य ग्राम सभा द्वारा निर्वाचित किए जाएंगे। यह समिति चरागाह भूमि के संरक्षण, विकास और अतिक्रमण रोकने के लिए उत्तरदायी होगी।

विभाग ने नियम 165 का हवाला देते हुए पंचायतों को जनवरी और जुलाई में चरागाह, आबादी भूमि व तालाबों पर अतिक्रमण सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए नोटिस, निषेधाज्ञा, बेदखली और पुलिस सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।

चरागाह विकास योजनाओं की समीक्षा और समन्वयन के लिए जिला प्रमुख की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बंजर भूमि एवं चरागाह विकास समिति का गठन किया गया है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस समिति के नोडल अधिकारी होंगे। इस आदेश के चलते चारागाह भूमि, तालाब पेटा क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।

विभाग ने सभी जिलों से सबसे अधिक चरागाह अतिक्रमण वाली 10 ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!