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वन विभाग के बाबू लेने लगे अहम फैसले, अनापत्ति (NOC) प्रमाण पत्र में वनमण्डलाधिकारी की जगह स्वंय के डाले हस्ताक्षर

वन विभाग के बाबू लेने लगे अहम फैसले, अनापत्ति (NOC) प्रमाण पत्र में वनमण्डलाधिकारी की जगह स्वंय के डाले हस्ताक्षर

, शिकायत पर आज तक नहीं की गई कार्यवाही।
कविन्द पटैरिया पत्रकार
टीकमगढ़/दिगौड़ा 31 मार्च


टीकमगढ़ में वनमंडल कार्यालय में पदस्थ लिपिक नरेंद्र सिंह गौर सहायक ग्रेड 3 के विरुद्ध आवेदक द्वारा मुख्यमंत्री, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वनबल प्रमुख भोपाल, सीएम हेल्पलाइन एल3 सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर शिकायत की गई लेकिन आज तक इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई।

आवेदक व शिकायत कर्ता अमित गोस्वामी सामाजिक कार्यकर्ता निवासी सिविल लाइन टीकमगढ़ ने मीडिया को बताया है कि कलेक्टर (खनिज) जिला टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 11/खनिज/तीन -6/ 2022/4305 दिनांक 23/12/2022 के द्वारा ग्राम उत्तमपुरा तहसील टीकमगढ़ की भूमि सर्वे क्रमांक 164/4, 164/2 रकवा-2.914 हेक्टेयर भूमि पर खनिज (मुरम) पट्टा प्रदाय हेतु आवेदक अंशुल खरे तनय अरुण खरे निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी तहसील व जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र वन मंडल टीकमगढ़ से मांगा गया था। जिसकी जांच उपवन मंडल अधिकारी निवाड़ी द्वारा की गई थी तथा उनके जांच प्रतिवेदन के आधार पर पत्र क्रमांक/मानचित्र/ 2023/770/दिनांक- 7 /2 /2023 द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया।

उक्त अनापत्ति प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी वन मंडल अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी न कराते हुए, मानचित्र शाखा प्रभारी/ प्रभारी मुख्य लिपिक नरेंद्र सिंह गौर के द्वारा अपने स्वयं के हस्ताक्षर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। इसके संबंध में मुख्य कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बाल प्रमुख सतपुड़ा भवन भोपाल के पत्र क्रमांक/ नारंगी/ 2019/ 708 /दिनांक -14/ 5/ 2019 की कण्डिका तीन के द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वनमंडलाधिकारी से निम्न कोई भी अधिकारी अगर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करता है, तो उसके विरुद्ध नियम अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जावे और अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त किया जाए। उक्त अनापत्ति प्रमाण पत्र नियमों को दरकिनार कर नरेंद्र सिंह गौर द्वारा आवेदक अंशुल खरे से सांठ-गांठ कर एवं लाखों रुपए का लेन-देन कर नियम विरूद्ध तरीके से जारी किया गया है। उक्त फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त करते हुए नरेंद्र सिंह गौर के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।

इसके अलावा शिकायत कर्ता अमित गोस्वामी को जानकारी प्राप्त हुई है कि पूर्व में भी नरेन्द्र सिंह पर कई आरोप सिद्ध हो चुके हैं, पूर्व में भी इनके द्वारा सागर बाईपास, बांध सुजारा नहर परियोजना सहित कई अनापत्ति प्रमाणपत्र सारे नियमों को ताक पर रखकर, लाखों रुपए का लेनदेन करके जारी किए गए एवं कई अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रभारी वनमण्डल अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर कंप्यूटर से कॉपी करके, बिना उनको सूचना दिए हुए ही जारी कर दिए गए।

शिकायत कर्ता ने विगत वित्तीय वर्ष 2017-18 से आज दिनांक तक वनमण्डल कार्यालय टीकमगढ़ द्वारा जारी किए गए सभी अनापत्ति प्रमाणपत्रों की जांच सीसीएफ या वनमण्डल स्तर के अधिकारियों से करवाई जाए। साथ ही जांच पूर्ण होने तक नरेंद्र गौर को अन्य जिले में स्थानांतरित किया जाए, जिससे अपने पद, वरिष्ठ अधिकारियों से सांठगांठ एवं राजनैतिक पकड़ के चलते, जांच प्रभावित ना कर सकें।

शिकायत कर्ता ने बताया है कि पूर्व में भी इनकी कई शिकायतें हुई, जिनमें से कई में नरेंद्र गौर पर आरोप सिद्ध भी हुए, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों और वरिष्ठ कार्यालय के कर्मचारियों से सांठ गांठ और लेनदेन के चलते, इनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों को या तो वरिष्ठ कार्यालय में ही दबा लिया जाता है, या वनमण्डल में शिकायत आने पर, स्वयं इनके द्वारा शिकायत को दबा लिया जाता है।

शिकायत कर्ता की मांग है कि 15 दिवस में उच्च स्तरीय जांचदल गठित कर, वनमण्डल कार्यालय द्वारा जारी किए गए अनापत्ति प्रमाणपत्रों एवं उत्तमपुरा खदान के लिए मुख्यलिपक के हस्ताक्षर पर जारी की गई NOC की जांच करवाई जाए एवं नरेंद्र गौर के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए एवं जांच होने तक नरेंद्र गौर को अन्य जिले में स्थानांतरित किया जाए, जिससे आवेदक को माननीय उच्च न्यायालय की शरण में जाने हेतु बाध्य ना होना पड़े।

इनका कहना है

वन मंडल कार्यालय टीकमगढ़ में पदस्थ प्रभारी मुख्य लिपिक नरेन्द्र सिंह गौर की शिकायत भोपाल कार्यालय से प्राप्त हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। अभी इस पट्टे हस्ताक्षर वाले मामले में जांच प्रतिवेदन बनाकर भोपाल भेजा जाएगा। अब उन्होंने साइन किए हैं तो किए हैं, वो नहीं बदलने वाले, गलती हुई है तो हुई होगी।

राजाराम परमार
वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) टीकमगढ़

इनका कहना है

मैं इस शिकायत के संबंध में दिखवाता हूं, मुझे शिकायत संबंधित सभी दस्तावेज व्हाट्सएप कर दीजिए, मैं दिखवाता हूं।

नरेश यादव
सीसीएफ छतरपुर

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