सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त,चद्रोदय चन्द्रास्त काल,तिथि,नक्षत्र,मुहूर्त योगकाल,करण,सूर्य चंद्र के राशि,चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग- 29.03.2025🕉️
✴️ दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ शनिवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
________आज विशेष_______
भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों होती है
जानिये इसका शास्त्रोक्त महत्व एवं कारण
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_____दैनिक पंचांग विवरण____
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आज दिनांक……………….29.03.2025
कलियुग संवत्……………………5126
विक्रम संवत्……………………. 2081
शक संवत्……………………..1946
संवत्सर…………………… श्री कालयुक्त
अयन………………………..उत्तर
गोल………… …………… उत्तर
ऋतु………………………..बसंत
मास……………………… . चैत्र
पक्ष………………………. कृष्ण
तिथि..अमावस्या. अपरा. 4.27 तक/प्रतिपदा
वार………………………शनिवार
नक्षत्र…..उ.भाद्रपद. रात्रि. 7.27 तक / रेवती
चंद्रराशि……………… मीन. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग……………ब्रह्म. रात्रि. 10.02 तक / ऐंद्र
करण……………. नाग. अपरा. 4.27 तक
करण……. किंस्तुघ्न. रात्रि. 2.39* तक / बव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
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सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
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सूर्योदय………………. प्रातः 6.27.13 पर
सूर्यास्त……………… सायं. 6.45.24 पर
दिनमान-घं.मि.से……………12.18.10
रात्रिमान-घं.मि.से…………… 11.40.46
चंद्रास्त……………….. 6.49.21 PM पर
चंद्रोदय…………………6.47.33 AM पर
राहुकाल…प्रातः 9.32 से 11.40 तक(अशुभ)
यमघंट…..अपरा. 2.09 से 3.41 तक(अशुभ)
गुलिक………….प्रातः 6.27 से से 7.59 तक
अभिजित………. मध्या.12.12 से 1.01 तक
पंचक…………………….. जारी है।
हवन मुहूर्त………………. . आज नहीं है।
दिशा शूल…………………….. पूर्व दिशा
दोष परिहार….. उड़द का सेवन कर यात्रा करें
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विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता
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ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
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प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
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गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
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दैनिक सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट
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लग्न ……. मीन 13°51′ उत्तरभाद्रपद 4 ञ
सूर्य ……..मीन 14°23′ उत्तरभाद्रपद 4 ञ
चन्द्र ………..मई 8°32′ उत्तरभाद्रपद 2 थ
बुध *^ …….मीन 6°36′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
शुक्र * …… .मीन 4°51′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
मंगल ……… .मिथुन 28°28′ पुनर्वसु 3 हा
बृहस्पति ……. वृषभ 21°18′ रोहिणी 4 वु
शनि ^ ………..मीन 0°0′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
राहू * ……….मीन 2°45′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
केतु * ……कन्या2°45′ उत्तर फाल्गुनी2 टो
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✴️🌄दैनिक लग्न समय सारिणी 🌄✴️
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लग्न राशि ***********प्रारंभ – समाप्ति
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मीन ………………… 06:27 – 07:15
मेष …………………. 07:15 – 08:54
वृषभ………………… .08:54 – 10:51
मिथुन ……………….. 10:51 – 13:05
कर्क …………………. 13:05 – 15:23
सिंह ………………… 15:23 – 17:37
कन्या …………………17:37 – 19:49
तुला …………………..19:49 – 22:06
वृश्चिक ……………….22:06 – 24:23*
धनु……………….. . 24:23* – 26:28*
मकर……………….. 26:28* – 28:13*
कुम्भ ………………. 28:13* – 29:44*
मीन ……………….. 29:44* – 30:26*
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जहां समय के आगे (*) लगा है वह समय
अर्द्ध रात्रि उपरांत के समय का सूचक है।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
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शुभ……………… प्रातः 7.59 से 9.32 तक
चंचल………… अपरा. 12.36 से 2.09 तक
लाभ…………. अपरा. 2.09 से 3.41 तक
अमृत………….. अपरा. 3.41 से 5.13 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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लाभ……… .सायं-रात्रि. 6.45 से 8.13 तक
शुभ…………… रात्रि. 9.41 से 11.08 तक
अमृत…. .रात्रि. 11.08 से 12.36 AM तक
चंचल.. रात्रि.12.36 AM से 2.03 AM तक
लाभ…. रात्रि. 4.59 AM से 6.26 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9—-12—13
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—12—-30
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये।
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण चरणाक्षर
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08.49 AM तक—उ.भाद्रपद—-2——थ
02.08 PM तक—उ.भाद्रपद—-3——झ
07.27 PM तक—उ.भाद्रपद—-4——ञ
_राशि मीन – पाया लौह _
12.43 AM तक——–रेवती—-1——दे
06.00 AM तक——- रेवती—-2——दे उपरांत रात्रि तक——–रेवती— 3——च
___राशि मीन – पाया स्वर्ण__
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_____आज का दिन___
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व्रत विशेष………………….. नहीं है।
अन्य व्रत………………….. नहीं है।
पर्व विशेष………………… .नहीं है।
दिन विशेष…….. देवपितृ एव शनि अमावस्या
दिन विशेष………चांद्र संवत्सर 2081 पूर्णता
दिन विशेष…सूर्य ग्रहण(भारत में दृश्य नहीं है)
दिन विशेष………… अंतर्राष्ट्रीय मरमेड दिवस
पंचक…………………….. जारी है।
विष्टि(भद्रा)…………………प्रातः 9.33 तक
खगोल विशेष…… मीने शनि. रात्रि. 9.46 पर
खगोल विशेष. उदितं शनि पूर्वे.रात्रि.9.30 पर
सर्वा.सि.योग………………. आज नहीं है।
अमृ.सि.योग………………..आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………. आज नहीं है।
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अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
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आज दिनांक………………….30.03.2025
तिथि…………….चैत्र शुक्ला प्रतिपदा रविवार
व्रत विशेष..चैत्र नवरात्रि व्रतारंभ(घट स्थापना)
अन्य व्रत…………………….. नहीं है।
पर्व विशेष….. हिंदू नववर्ष प्रारंभ(गुडी पड़वा)
चैत्र नवरात्रि……… प्रथम् (मां शैलपुत्री पूजन)
दिन विशेष…….. चांद्र संवत्सर 2082 प्रारंभ
दिन विशेष……………… चंद्रदर्शन सायंकाल
दिन विशेष…………….. महर्षि गौतम जयंती
दिन विशेष….चेटी चंड (श्री झूलेलाल जयंती)
दिन विशेष…………….. ज्योतिष दिवस
दिन विशेष..नव संवत्सर (श्री सिद्धर्थी) प्रारंभ
दिन विशेष………. विश्व शून्य अपशिष्ट दिवस
पंचक………………अपरा. 4.35 पर समाप्त
विष्टि(भद्रा)…………………आज नहीं है।
खगोल विशेष……………… आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग……………….. आज नहीं है।
अमृ.सि.योग………………. .आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………. .आज नहीं है।
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष आध्यात्म वास्तु राशिफल 💥
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भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों होती है।
शिवजी की आधी परिक्रमा करने का विधान है। वह इसलिए की शिव के सोमसूत्र को लांघा नहीं जाता है। जब व्यक्ति आधी परिक्रमा करता है तो उसे चंद्राकार परिक्रमा कहते हैं। शिवलिंग को ज्योति माना गया है और उसके आसपास के क्षेत्र को चंद्र। आपने आसमान में अर्ध चंद्र के ऊपर एक शुक्र तारा देखा होगा। यह शिवलिंग उसका ही प्रतीक नहीं है बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड ज्योतिर्लिंग के ही समान है।
”अर्द्ध सोमसूत्रांतमित्यर्थ: शिव प्रदक्षिणीकुर्वन सोमसूत्र न लंघयेत ।। इति वाचनान्तरात।”
सोमसूत्र:
शिवलिंग की निर्मली को सोमसूत्र की कहा जाता है। शास्त्र का आदेश है कि शंकर भगवान की प्रदक्षिणा में सोमसूत्र का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, अन्यथा दोष लगता है। सोमसूत्र की व्याख्या करते हुए बताया गया है कि भगवान को चढ़ाया गया जल जिस ओर से गिरता है,वहीं सोमसूत्र का स्थान होता है।
क्यों नहीं लांघते सोमसूत्र
सोमसूत्र में शक्ति-स्रोत होता है अत: उसे लांघते समय पैर फैलाते हैं और वीर्य निर्मित और 5 अन्तस्थ वायु के प्रवाह पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे देवदत्त और धनंजय वायु के प्रवाह में रुकावट पैदा हो जाती है। जिससे शरीर और मन पर बुरा असर पड़ता है। अत: शिव की अर्ध चंद्राकार प्रदशिक्षा ही करने का शास्त्र का आदेश है।
तब लांघ सकते हैं :
शास्त्रों में अन्य स्थानों पर मिलता है कि तृण, काष्ठ, पत्ता, पत्थर, ईंट आदि से ढके हुए सोम सूत्र का उल्लंघन करने से दोष नहीं लगता है। लेकिन
शिवस्यार्ध प्रदक्षिणा का मतलब शिव की आधी ही प्रदक्षिणा करनी चाहिए।
किस ओर से परिक्रमा
भगवान शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बांई ओर से शुरू कर जलाधारी के आगे निकले हुए भाग यानी जल स्रोत तक जाकर फिर विपरीत दिशा में लौटकर दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा पूरी करें।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आपके पास ख़ुद के लिए पर्याप्त समय होगा, तो मौक़े का फ़ायदा उठाएँ और अच्छी सेहत के लिए पैदल सैर पर जाएँ। दिन के दूसरे हिस्से में आर्थिक तौर पर फ़ायदा होगा। पुरखों की जायदाद की ख़बर पूरे परिवार के लिए ख़ुशी ला सकती है। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। अपने सामर्थ्य से ज्यादा काम करना आपके लिए नुकसानदायक साबित होगा।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज ज़िंदगी का भरपूर आनंद उठाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं को क़ाबू में रखें। योग का सहारा लें, जो आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग़ को बेहतर बनाता है। आज आपको समझ आ सकता है कि धन को बिना सोच विचारे खर्च करना आपको कितना नुक्सान पहुंचा सकता है. घरेलू मोर्चे पर समस्या खड़ी हो सकती है, इसलिए तोल-मोल कर ही बोलें।आप आज सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है। काम की अधिकता आज आपको मानसिक रुप से परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के वक्त थोड़ी देर ध्यान करके आप अपनी ऊर्जा वापस पा सकते हैं।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज के दिन आपके चेहरे पर मुस्कान बिखरी रहेगी और अजनबी भी जाने-पहचाने से महसूस होंगे। आपका पैसा तभी आपके काम आएगा जब आप उसको संचित करेंगे यह बात भली भांति जान लें नहीं तो आपको आने वाले समय में पछताना पड़ेगा। किसी नज़दीकी रिश्तेदार या मित्र की तरफ़ से मिली अच्छी ख़बर के साथ दिन की शुरुआत होगी। आपका बेपनाह प्यार आपके प्रिय के लिए बेहद क़ीमती है। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। संभव है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। दिखावा करने से आज आपको बचना चाहिए ऐसा करेंगे तो आपके करीबी लोग ही आपसे दूर हो जाएंगे।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। जिन लोगों नेे अतीत में अपना धन निवेश किया था आज उस धन से लाभ होने की संभावना बन रही है। एक-दूसरे का नज़रिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएँ सुलझाएँ। इसे औरों के सामने न लाएँ, नहीं तो बदनामी हो सकती है। प्रेम के नज़रिए से आज का दिन आपके लिए ख़ुशियों से भरा रहेगा। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। आपकी बात को यदि सुना नहीं जा रहा तो आपा न खोएं बल्कि परिस्थिति को समझने की कोशिश करें।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आपका धन कहां खर्च हो रहा है इस पर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। परिवार के लोगों से अपनी परेशानियां साझा करके आप हल्का महसूस करते हैं, लेकिन कई बार आप अपने अहम को आगे रखकर घर वालों को जरुरी बातें नहीं बताते। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा करके परेशानी और भी बढ़ेगी कम नहीं होगी। आपके प्रिय का प्यारा बर्ताव आपको ख़ास होने का अनुभव कराएगा; इन लम्हों का पूरा लाभ उठाएँ। जीवनसंगी के साथ वक्त बिताने के लिए आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। आपका जीवनसाथी किसी ख़ूबसूरत सरप्राइज़ से आपका दिन बना सकता है। जीवन में सरलता तभी रहती है जब आपका व्यवहार सरल रहता है। आपको भी अपने व्यवहार में सरलता लाने की जरुरत है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज अपनी अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। जिन लोगों को आप जानते हैं, उनके ज़रिए आपको आमदनी के नए स्रोत मिलेंगे। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। ज़िंदगी में एक नया मोड़ आ सकता है, जो प्यार को नयी दिशा देगा। घर में पड़ी कोई पुरानी वस्तु आज आपको मिल सकती है जिससे आपको अपने बचपन के दिनों की याद सता सकती है और आप उदासी के साथ अपने दिन का काफी समय अकेले बिता सकते हैं। अगर आप वैवाहिक तौर पर लंबे समय से कुछ नाख़ुश हैं, तो आज के दिन आप हालात बेहतर होते हुए महसूस कर सकते हैं। इंटरनेट सर्फ़िंग करना आपकी अंगुलियों की अच्छी कसरत करने के साथ-साथ आपके ज्ञान को भी बढ़ा सकता है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आप भाग्य पर निर्भर न रहें और अपनी सेहत को सुधारने की कोशिश करें, क्योंकि क़िस्मत ख़ुद बहुत आलसी होती है। अगर आप घर से बाहर रहकर जॉब या पढ़ाई करते हैं तो ऐसे लोगों से दूर रहना सीखें जो आपका धन और समय बर्बाद करते हैं। आपके जीवन-साथी की सेहत चिंता का सबब बन सकती है और उसे चिकित्सकीय देखरेख की ज़रूरत है। ज़रा संभल कर, क्योंकि आपका प्रिय आपको मक्खन लगा सकता है – मैं तुम्हारे बग़ैर इस दुनिया में नहीं रह सकता/सकती। आज टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देखने में आप इतना व्यस्त हो सकते हैं कि आप जरुरी कामों को करना भी भूल जाएंगे। यह दिन आपके जीवनसाथी के रूमानी पहलू को भरपूर तरीक़े से दिखाएगा। बिना किसी को बताए आज आप घर में छोटी-मोटी पार्टी रख सकते हैं।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज किसी दोस्त के साथ ग़लतफ़हमी अप्रिय हालात खड़े कर सकती है, किसी भी फ़ैसले पर पहुँचने से पहले संतुलित नज़रिए से दोनों पक्षों को जाँचें। आज कोई लेनदार आपके दरवाजे पर आ सकता है और आपसे पैसे उधार मांग सकता है। उन्हें पैसे लौटाकर आप आर्थिक तंगी में आ सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि उधार लेने से बचें। घर में कुछ बदलाव लाने के लिए पहले बाक़ी लोगों की राय भली-भांति जान लें। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। प्यार से बढ़कर कोई अहसास नहीं, आपको अपने साथी को कुछ ऐसी बातें बोलनी चाहिए जिससे उनका विश्वास आपमें बढ़े और प्यार को नई ऊंचाई प्राप्त हो।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज खाने-पीने की ऐसी चीज़ों से बचने की कोशिश करें, जिनमें कॉलेस्ट्रॉल की ज़्यादा मात्रा है। आर्थिक तौर पर सुधार के चलते आप आसानी से काफ़ी वक़्त से लंबित बिल और उधार चुका सकेंगे। किसी बुज़ुर्ग की सेहत चिंता का कारण बनेगी। अगर वो गुस्से में हैं तो उन्हें शांत करने की कोशिश करें। आज अपने लिए वक्त निकालकर अपने जीवनसाथी के साथ आप कहीं घूमने जा सकते हैं। हालांकि इस दौरान आप दोनों के बीच थोड़ी बहुत कहासुनी हो सकती है। अपने जीवनसाथी की नुक़्ताचीनी से आप आज परेशान हो सकते हैं, लेकिन वह आपके लिए कुछ बढ़िया भी करने वाला है। जीवन का आनंंद अपने लोगों को साथ लेकर चलने में है यह बात आज आप स्पष्टता से समझ सकते हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज कुछ प्रभावशाली लोगों का सहयोग आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच की। आज के दिन अपने प्रिय से कोई तल्ख़ बात न कहें। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। आपके लिए यह ख़ूबसूरत रोमानी दिन रहेगा, लेकिन सेहत को लेकर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसी दोस्त की सहायता करके आज आप अच्छा महसूस कर सकते हैं।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आपकी सेहत को देखभाल की ख़ास ज़रूरत है। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आपको ख़ुश रखने के लिए आपके बच्चे जो कुछ बन पड़ेगा, वह करेंगे। आपको आज ही अपने प्रिय को दिल की बात बताने की ज़रूरत है, क्योंकि कल बहुत देर हो जाएगी। आज आप बिना किसी वजह के कुछ लोगों के साथ उलझ सकते हैं। ऐसा करना आपके मूड को तो खराब करेगा ही साथ ही इससे आपका कीमती समय भी बर्बाद होगा। आप आराम करने में क़ामयाब नहीं हो पाएंगे, क्योंकि आपके कुछ तथाकथित दोस्त आपको आराम करने नहीं देंगे। हालाँकि हर सिक्के का एक अच्छा पहलू भी होता है इस मौक़े का उपयोग आप दोस्ती की डोर मज़बूत करने में भी कर सकते हैं, इससे बाद में आपको फ़ायदा भी मिलेगा।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपकी शारीरिक बीमारी के सही होने की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में सफल रहेंगे। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। आपके ईमानदार और ज़िंदादिल प्यार में जादू करने की ताक़त है। घर में पड़ी कोई पुरानी वस्तु आज आपको मिल सकती है जिससे आपको अपने बचपन के दिनों की याद सता सकती है और आप उदासी के साथ अपने दिन का काफी समय अकेले बिता सकते हैं। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौते का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। आज छुट्टी के दिन किसी मल्टीप्लेक्स में जाकर कोई अच्छी फ़िल्म देखने से बढ़िया और क्या हो सकता है।
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जिस पात्र में वर्षो से तेल ही रखा जाता है,ऐसे बर्तन को पाँच दस बार धोने पर वह स्वच्छ तो होगा,किन्तु तेल की वास नहीं जायेगी,अब उस बर्तन में यदि चटनी अचार रखा जायेगा तो वह बिगड़ जायेगा हमारा मस्तिष्क भी ठीक ऐसा ही है,जिसमें कई वर्षो से कामवासना रुपी तेल रखा गया है। बुद्धि रुपी पात्र में श्रीकृष्ण रुपी रस रखना है,मस्तिष्क रुपी बर्तन में काम का अंशमात्र भी होगा तो उसमें प्रेमरस जमेगा ही नहीं,जब बुद्धि में परमात्मा का निवास होगा,तभी पूर्ण शान्ति मिलेगी,जब तक बुद्धि में ईश्वर का अनुभव नहीं होगा तब तक आनन्द का अनुभव नहीं हो पायेगा संसार के विषयों का ज्ञान बुद्धि में आने पर विषय सुख रुप बनते हैं। परमात्मा को बुद्धि में रखना है, मस्तिष्क में जब ईश्वर आ बसते हैं,तभी ईश्वर स्वरुप का ज्ञान पूर्ण आनन्द देता है। जैसे तेल के अंश से चटनी अचार बिगड़ते हैं वैसे ही बुद्धि में वासना का अंश रह जाने पर वह अस्थिर ही रहेगी बुद्धि को स्थिर और शुद्ध करने हेतु मन के स्वामी चंद्र और बुद्धि के स्वामी सूर्य की आराधना करनी है,त्रिकाल संध्या करने से बुद्धि शुद्ध होगी,जब तक राम नहीं आते,तब तक कृष्ण भी नहीं आते जिसके घर मे राम नहीं आते उसका रावण (काम) नहीं मरता और जब तक कामरुपी रावण नहीं मरता तब तक श्रीकृष्ण नहीं आते, जब राम की मर्यादा का पालन किया जायेगा तभी काम मरेगा, चाहे जिस संप्रदाय में विश्वास हो किन्तु जब तक रामचन्द्र की मर्यादा का पालन नहीं किया जायेगा तब तक आनन्द नहीं मिलेगा। रामचन्द्र की उत्तम सेवा यही है कि उनकी मर्यादा का पालन किया जाए उनका सा ही वर्तन रखो,रामजी का भजन करना अर्थात् उनकी मर्यादा का पालन करना,उनका वर्तन हमें जीवन में उतारना चाहिए,यदि राम जी को मन में बसाने मर्यादा पुरुषोत्तम रामचन्द्र का अनुकरण करने पर भगवान मिलेगें। रामजी की लीलाएँ अनुकरणीय एवं श्रीकृष्ण की लीलाएँ चिंतनीय हैं,रामचन्द्र का मातृ प्रेम,पितृ प्रेम,बंधु प्रेम एक पत्नी प्रेम आदि सब कुछ जीवन में उतारने योग्य है।
श्रीकृष्ण के कृत्य हमारे लिए अशक्य है,उनका कालियानाग को वश में करना,गोवर्धन उठाना आदि रामचन्द्र ने अपना ऐश्वर्य छिपाकर मानव जीवन का नाटक किया साधक का वर्तन कैसा होना चाहिए यह रामचन्द्र जी बताया है, साधक का वर्तन रामचन्द्र जैसा होना चाहिए,सिद्ध पुरुष का वर्तन श्रीकृष्ण जैसा हो सकता है।रघुनाथ जी का अवतार राक्षसों की हत्या के हेतु नहीं , मनुष्यों को मानव धर्म सिखाने के लिए हुआ था, वे जीवमात्र को उपदेश देते हैं, रामजी ने किसी भी मर्यादा को भंग नहीं किया, हमें भी मर्यादा का पालन करते हुए श्रीकृष्ण को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।


















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