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रमणियां मरूधरा पर नवनिर्मित शुक्लेश्वर महादेव की स्थापना 10 फरवरी को धूमधाम की जाएगी

संवाददाता:- हर्षल रावल

रमणियां मरूधरा पर नवनिर्मित शुक्लेश्वर महादेव की स्थापना 10 फरवरी को धूमधाम की जाएगी।

मंदिर की नक्काशी की सुंदरता देखकर आपका ह्रदय और आंखें प्रसन्न हो जाएंगी।


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बालोतरा। राजस्थान की धरा देवताओं की धरती हैं। यहां अनेकों वीर पुत्रों जन्म लेकर अपनी वीरता दिखाई है। राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित रमणियां ग्राम में नवनिर्मित शुकलेश्वर महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होने जा रहा हैं। इस तीन दिवसीय समारोह की तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं।
सबसे मुख्य बात यह है कि रमणियां ग्राम का भव्य एवं विशाल मंदिर की स्थापना होने जा रही हैं। नवनिर्मित शुकलेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 06 फरवरी को आरंभ होगा। यह एक धार्मिक आयोजन होने जा रहा हैं। इस आयोजन में राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु सहित देश भर से 50 हजार छत्तीस कौम के श्रद्धालुओं के आने की संभावना हैं। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजन संघ की ओर से इस तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। मंदिर के निर्माण में मकराना का गुलाबी पत्थर से मंदिर का निर्माण किया गया हैं। इस मंदिर निर्माण में रमणियां ग्राम के भामाशाह ने भरपूर लाभ लेकर पुण्य अर्जित किया है और सुवर्ण अक्षरों में अपना नाम अंकित किया हैं। ऐसे महान लाभार्थी का प्राण प्रतिष्ठा में विशेष बहुमान किया जाएगा। शुक्लेश्वर महादेव का लिंग सिरोही जिले के अजारी गांव में निर्मित कराई गयी हैं। जिसे भव्य मूर्हत में विराजमान किया जाएगा।


प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रकार आरंभ दिवस 06 फरवरी को प्रायश्चित कर्म, गणपति पूजन सहित पंचाग कर्म, मण्डप प्रवेश, अग्नि स्थापना, ग्रह स्थापना, ग्रह होम, सायं पूजन आरती आयोजन होगा। 07 फरवरी को प्रात:पूजन, प्रधान महारूद्र हवन प्रारम्भ, सायं पूजन आरती का आयोजन होगा। 08 फरवरी प्रात: पूजन, जलयात्रा, जलाधिवास, हवन कर्म, सायं पूजन आरती एवं रात्रि भजन संध्या का आयोजन होगा। 09 फरवरी को प्रात:पूजन, हवन कर्म, प्रसाद वास्तु हवन, दिक्षु हवन, स्नपन कर्म, अधिवास कर्म, सायं पूजन आरती एवं रात्रि भजन संध्या का आयोजन होगा। अंतिम दिवस 10 फरवरी को प्रात: पूजन, हवन कर्म, माणक स्तम्भ स्थापना, तोरण वंदना, आकाश मार्ग से शिव प्रवेश, समस्त देवी-देवताओं का प्रवेश, देव प्रतिष्ठा कर्म, कलश, ध्वजा दण्ड स्थापना, महा पूर्णाहुति, महाआरती, देव क्षमा प्रार्थना, ब्राह्मण देवता द्वारा आशीर्वचन एवं महप्रसादी का आयोजन किया हैं। प्रधान आचार्य पं.प्रवीणभाई सुपुत्र लीलाधर ओझा (सामवेदीय) आहोर एवं विविध विद्वानों के सहयोग से समग्र प्रतिष्ठा विधि से संपन्न होगी।

मंदिर में देव प्रतिमाएं:-
शुक्लेश्वर महादेव, गणेश, पार्वती माता, नागदेवता, कार्तिक भगवान, वीर हनुमान, नन्दी भगवान, धर्मराज, कुबेर देव, वरूण देव, कच्छप, सुखनाहर सिंह इत्यादि देवता मंदिर में विराजमान होंगे।

मंदिर प्रांगण में साधु-संत का आगमन:-


आशाभारती महाराज, गंगानाथ महाराज, तुलसाराम महाराज, नारायणगिरी महाराज, रणछोड़भारती महाराज, प्रतापपुरी महाराज, शंकरस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, दयाराम महाराज, भगवती बाई महाराज, पारसराम महाराज, राजभारती महाराज, शिवगिरी महाराज, दत्तनारायणगिरी महाराज, गोपालराम महाराज, गोविंदवनगिरी महाराज, रतनभारती महाराज, भीमगिरी महाराज, हेतगिरी महाराज, निरंजनगिरी महाराज, समरानन्द महाराज, चेतनगिरी महाराज इत्यादि साधु-संतों का आगमन होगा।

भजन संध्या एवं कलाकर
3 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में रात्रि में भजन संध्या का आयोजन रहेगा। जिसमें राजस्थान के प्रसिद्ध गायक कलाकार एवं अनेक हस्ती सम्मिलित होकर अपनी प्रस्तुति देंगी और इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करेगी। जिसमें अनेक गांवों के लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर पुण्य के लाभार्थी बनेंगे।


प्रतिष्ठा के दिवस बड़े हर्षोल्लास से महादेव भक्त एवं साधु-संतों के साध्विन में वरघोड़ा का आयोजन किया गया हैं। जिसमें संपूर्ण क्षेत्र के लोग सम्मिलित होंगे और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ संपूर्ण गांव का भ्रमण किया जाएगा। जिससे धर्म की एकता का अनुभव समस्तजनों देखने को मिलेगा। इस कार्यक्रम को देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

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