संवाददाता:-हर्षल रावल
21 जनवरी, 2025
सिरोही/राज.
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आबूरोड-तारंगा हिल नई रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, 13 सुरंग और परियोजना पर खर्च होंगे 2800 करोड़

आबूरोड-गुजरात में एक नई रेल परियोजना के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। अच्छी बात ये है कि नए रूट पर ट्रेन चलने से शक्तिपीठ अंबाजी जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी लाभ होगा।
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सिरोही। केंद्र सरकार ने आबूरोड-अंबाजी-तारंगा हिल नई रेल लाइन को मंजूरी दी है। नई लाइन से बेहतर रेल कनेक्टिविटी तथा धार्मिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल लाइन से आबू रोड और अहमदाबाद के मध्य वैकल्पिक रेल मार्ग होगा। क्षेत्र के लोगों को सुगम रेल यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी तथा क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक विकास के द्वार खुलेंगे। आबूरोड-अंबाजी-तारंगा हिल नई रेल परियोजना के कार्य ने तेजी पकड़ ली है। करीब 2800 करोड़ की 116.65 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के अंतर्गत उधमपुर-कटरा रेल लाइन परियोजना में सुरंगों के निर्माण एनएटीएम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) तकनीक से होगा।
गुजरात के शक्तिपीठ अंबाजी से होकर गुजरने वाले इस रेलमार्ग पर 13 सुरंग बनेंगी। जिनकी लंबाई 13 किमी होगी। इस रेलमार्ग पर आबूरोड ब्लॉक के सुरपगला गांव के निकट सबसे ऊंचे पुल का निर्माण होगा, जिसकी ऊंचाई 80 मीटर होगी। आबूरोड ब्लॉक के कुई, चंद्रावती, सियावा आदि क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन समतलीकरण, पेड़ों की कटाई व मिट्टी परीक्षण आदि कार्य चल रहे हैं। सियावा के मालियावास क्षेत्र में एक बेस कैंप बनाया है।

कुल 15 स्टेशनों का होगा निर्माण:-
इस रेलमार्ग पर आबूरोड सहित कुल 15 रेलवे स्टेशन होंगे। सबसे बड़ा स्टेशन गुजरात के अंबाजी में होगा। जहां छह मंजिला यात्री विश्रामालय बनेगा। इससे शक्तिपीठ पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना के तहत राजस्थान में सिरोही व गुजरात के मेहसाणा, साबरकाठा व बनासकाठा जिला कवर होंगे।
रेल मंत्रालय भारत सरकार ने आबूरोड-अंबाजी-तारंगा हिल नई रेल लाइन को मंजूरी दी है। नई रेल लाइन से बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी तथा धार्मिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। आबूरोड-अंबाजी-तारंगा हिल 116.65 किमी नई रेल लाइन पर लागत 2798.16 करोड़ आएगी। इसमें 54 बड़े तथा 151 छोटे पुल सहित 8 रोड ओवर ब्रिज, 54 रोड अंडर ब्रिज एवं 11 सुरंग का निर्माण किया जाएगा। परियोजना को वर्ष 2026-27 में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

आबूरोड और अहमदाबाद के मध्य वैकल्पिक रेल मार्ग होगा:-
नई रेल लाइन से आबूरोड-अंबाजी तक रेल कनेक्टिविटी की लंबित मांग पूर्ण होने के साथ-साथ आबूरोड और अहमदाबाद के मध्य वैकल्पिक रेल मार्ग होगा। क्षेत्र के लोगों को सुगम रेल यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी तथा क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक विकास के द्वार खुलेंगे। इससे 51 शक्तिपीठों में से एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल अंबाजी सहित तारंगा हिल में प्रसिद्ध अजितनाथ जैन मंदिर तक कनेक्टिविटी होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु आसानी से पहुंच सकेंगे तथा राजस्थान सहित गुजरात में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसमें लगभग 40 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन होगा। नई रेल लाइन में आबूरोड, कुली, सियावा, अंबाजी, धारेजा, कंबियावास, दांता, मोटासन, नगल तखतपुरा, जसपुरिया, वरेठा, तारंगाहिल आदि रेलवे स्टेशन होंगे।

















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