सवांददाता ब्यूरो चीफ रमाकांत झंवर बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
एक्सीडेंट होने के बाद सरदारशहर से मोहित सोनी को सूचना मिलने के बाद करीब 3 बजे से 4 बजे तक एक घंटे की मशक्कत के बाद 10 लोगों को घायलों की फोटो भेज कर पहुंचे परिजनों तक मोहित सोनी ने बताया मध्य रात्रि का समय और ज्यादा सर्दी होने के कारण कोई भी पहचान वाला फोन नहीं उठा रहा था तभी सबसे पहले श्री डूंगरगढ़ पुलिस स्टेशन में गाड़ी की पहचान बताकर परिजनों से बात चित करने को कहा गया ओर साथ ही बताया गया की घायल हुआ व्यक्ति बार बार श्री डूंगरगढ़ का नाम ले रहा है एम्बुलेंस के ड्राइवर की मदद से दोनों घायलों की फोटो मंगवा कर श्री डूंगरगढ़ के आडसर बास में गाड़ी की पहचान के तौर पर और घायलों को पहचान करने के लिये मध्य रात्रि लगभग 5 से 7 लोगों को बारी बारी से कॉल करके फोटो भेजकर पहचान करवाई गई तब पता चला गाड़ी श्री डूंगरगढ़ लोकल शहर की नहीं है आस पास गाँव की हो सकती है। फिर ब्लैक कलर की टाटा सफारी की खोज पर पता चला ऐसी गाड़ी रीडी बाना में एक दो बार देखी गई है तभी रीडी बाना के कुछ लोगों को फोन किया गया किसी ने फोन उठाया और किसी ने रात्रि होने के कारण नहीं उठाया जिन लोगों ने फोन उठाया वो सभी प्रवासी सूरत मुम्बई में थे तो उनका भी गांव में कोई संपर्क नहीं बन पाया। करीब सुबह साढ़े चार बजे के बाद सेवा समिति के सक्रिय सदस्य शूरवीर मोदी जी को हादसे की सूचना दी गई और मोदी जी द्वारा परिजनों तक खबर पहुंचाई गई और परिवार को ट्रॉमा सेंटर बीकानेर के लिये भेजा गया।


















Leave a Reply