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बीकानेर-सेसोमूँ स्कूल के छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण सम्पन्न : शिक्षा, संस्कृति और आनंद का अद्भुत संगम

सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

उपखंड मुख्यालय श्रीडूंगरगढ़ सेसोमूँ स्कूल का सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण (26 नवंबर से 2 दिसंबर तक) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के 86 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस भ्रमण में स्कूल के चेयरमैन श्री जगदीश प्रसाद मूंधड़ा, वाइस चेयरपर्सन श्रीमती पद्मा मूंधड़ा, प्राचार्य श्री सुब्रत कुंडू, सहसंपादक श्री सुभाष शास्त्री, सीईओ घनश्याम गौड़ और शिक्षकों में रामनिवास बेनिवाल, दीनदयाल शर्मा, बीरेश राजपूत, शिवशंकर शर्मा तथा शिक्षिकाओं में बबीता प्रधान, चित्रा वर्मा, किरण सोनी आदि ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। हर वर्ष की भांति इस बार भी इस भ्रमण में छात्रों ने दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल जैसे राष्ट्रपति भवन, नेशनल साइंस सेंटर और इंडिया गेट का दौरा किया। मसूरी और धनौल्टी की हरी-भरी वादियों के साथ टिहरी डैम की विशाल जलराशि ने छात्रों को प्रकृति और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम दिखाया। ऋषिकेश एवं हरिद्वार में गंगा आरती के दिव्य दर्शन ने भारतीय संस्कृति के प्रति छात्रों में गहरी श्रद्धा और सम्मान उत्पन्न किया। शांतिकुंज और भारत माता मंदिर ने भी छात्रों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा। देहरादून में रोबर्स केव (गुच्चुपानी) के ठंडे बहते पानी और प्राकृतिक सुंदरता ने छात्रों को रोमांचित किया। इंडियन मिलिट्री एकेडमी और बौद्ध मंदिर का भ्रमण उनके भीतर देशभक्ति और आध्यात्मिकता की भावना को सुदृढ़ किया। चेयरमैन श्री मूंधड़ा ने कहा कि इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़कर उनका सर्वांगीण विकास करना था। प्राचार्य श्री कुंडू ने इस भ्रमण को छात्रों के लिए प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम न केवल छात्रों के ज्ञानवर्धन में सहायक होते हैं बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम वर्क की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। यह भ्रमण निश्चित रूप से उनके व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होगा। छात्रों ने इस भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक और यादगार बताया। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। सेसोमू विधालय के चेयरमैन एन आर आई जगदीश प्रसाद जी मूंधड़ा तथा इनकी धर्म पत्नी प्रभा मूंधड़ा की सदेव यह सोच रहती है कि विधार्थियों का चहुंमुखी विकास हो। भारतीय संस्कृति की अधिकतम जानकारी दी जाये

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