किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति और प्रौद्योगिकी पर किसान प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
पलवल-18 अक्टूबर
कृष्ण कुमार छाबड़ा

धानुका एग्रीटेक रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी सेंटर गांव सिहोल में गेहूं सरसों उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति और प्रौद्योगिकी पर किसान प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक डॉ.बी.एस.सहरावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सरस्वती वंदना और राष्ट्रगान गाया गया। कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में आसपास के गांवों के किसान मौजूद थे। डॉ. बी.एस.सहरावत ने किसानों की आय को दोगुना करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान गेहूं एवं सरसों की उन्नत किस्मों का चयन करें। उन्नत किस्मों का प्रयोग करने प्रति एकड़ 90 मन गेहूं की पैदावार ली जा सकती है। गेहूं एवं सरसों की उन्नत किस्मों ने कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराना चाहिए। सॉयल हेल्थ कार्ड के जरिये मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में मिलेगी। सॉयल हेल्थ के अनुसार ही खेतों में डीएपी,यूरिया,जिंक,पोटाश सहित अन्य पोषक तत्वों का प्रयोग करें। जितेंद्र कुमार ने मृदा नमूनाकरण तकनीक और मृदा मैक्रो एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को गेहूं की कृषि पद्धतियां,सरसों की कृषि पद्धतियां के बारे में भी जागरूक किया। राजेश फोगाट ने किसानों को गेहूं और सरसों में खरपतवार प्रबंधन और उनके नियंत्रण के उपाय तथा गेहूं और सरसों में कीट और रोग और उनके नियंत्रण के उपाय के बारे में जानकारी दी। लोकेंद्र कुमार ने गेहूं और सरसों पर बीज उपचार की विधि का प्रदर्शन कर किसानों को जागरूक किया।

















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