विशेष संवाददाता पुनीत मरकाम कांकेर ✍️ शैक्षणिक जागरूकता कार्यक्रम एंव पेसा, वन अधिकार कानून संवैधानिक ग्रामसभा संबंधित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन।
कांकेर दिनांक 09-10-2024 को हुआ…. यह कार्यशाला आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ के बेनर तले 8 से 9 अक्टूबर को ग्राम- रेंगावाही तहसील-पखांजूर,जिला-उत्तर-बस्तर कांकेर(छत्तीसगढ़)में आयोजित किया गया !आदिवासी छात्र युवा संगठन के अध्यक्ष राजेश नुरूटी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना था। संगठन ने ग्राम सभा कार्यशालाओं में पेशा कानून और शिक्षा के अधिकारों पर विशेष रूप से जोर दिया, ताकि आदिवासी समुदाय शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं और उनके हक के प्रति सजग हो सके। कार्यशाला में छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसरों, सरकारी योजनाओं और करियर विकल्पों की जानकारी दी गई। यह पहल आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना हैं।
रेंगावाही …इस गांव की खूबसूरती हर किसी को अति मन भावन लग रहा था। चारो ओर जंगल ही जंगल
बेहद खूबसूरत है।
चारों तरफ घने जंगलों से घिरी हूई कुदरती सुंदरता के भीच यह कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉ. सहायक प्रो.संतोष सरुडकर गोंड़वाना यूनिवर्सिटी गढ़चिरौली महाराष्ट्र ,
विशिष्ट अतिथि निलीमा श्याम(युवा सामाजिक कार्यकर्ता) ,भूपेंद्र नेताम (अधिवक्ता),गोंड़वाना गोटूल सेना जिला गढ़चिरौली संयोजक आँचला उत्तम जी
मैनी कतलामी, अजित नुरूटी, रामु गुंडरु,आदि वक्तागण उपस्थिति हुए। 
कार्यक्रम में मंच संचालन लक्ष्मण मण्डावी छोटेबेटिया ASYU अध्यक्ष जी और ASYU उपाध्यक्ष सोमा मण्डावी जी ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी ASYU टीम, गांव के गायता पटेल मेटापरगन के मांझी ,सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका रहीं। 
इस कार्यक्रम में निम्न लोग उपस्थिति थे-कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सरुडकर गोंड़वाना यूनिवर्सिटी गढ़चिरौली ,विशिष्ट अतिथि भूपेन्द्र नेताम,निलीमा श्याम,आदिवासी छात्र युवा संगठन के प्रमुख राजेश नुरूटी उपाध्यक्ष सोमा नुरूटी, मैनी कतलामी,अजित नुरूटी, रामु गुंडरु,गज्जू पददा,लक्ष्मण मण्डावी, मानसू आँचला,सविता नरेटी, काजल पोया, पूजा जुर्री, भुनेश्वरी नवगो,मन्नू कोवाची,सुनील नरेटी, पुष्पा धुर्वा,मोनिका गावड़े, सुनील नुरूटी, सुजीत नुरूटी,नड़गु उइके,लक्ष्मण आतला,भरत तुमरेटी, दीपिका वड्डे,सोनसायगणेश वड्डे,भरत धुर्वा,मिरगु उइके,रजनु धुर्वा,योगेश धुर्वा,आदि थे। कार्यक्रम के समापन के दौरान, गांव की कुदरती सुंदरता और चारों ओर फैले घने जंगलों ने सभी उपस्थितों का मन मोह लिया। ASYU टीम और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रही।
इस आयोजन ने शिक्षा और सामुदायिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

















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