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शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट सेवाओं और सेवा निवृत्त होने पर 64 शिक्षकों को साल,श्रीफल,प्रशस्ति पत्र,नगद राशि एवं स्मृति चिन्ह से किया गया सम्मानित

शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट सेवाओं और सेवा निवृत्त होने पर 64 शिक्षकों को साल,श्रीफल,प्रशस्ति पत्र,नगद राशि एवं स्मृति चिन्ह से किया गया सम्मानित

शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और निष्ठा से करें : विधायक श्री मरपच्ची

संवाददाता सूरज यादव

गौरेला पेंड्रा मरवाही। भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन् के जन्म दिवस पर आज जिला प्रशासन के सहयोग से शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) पेण्ड्रा के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं और सेवा निवृत्त होने पर 64 शिक्षकों को साल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, नगद राशि एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि थे।मुख्य अतिथि श्री मरपच्ची ने अपने संबोधन में कहा कि गुरू ही ब्रम्हा है, गुरू ही विष्णु है और गुरू ही भगवान शंकर है। गुरू ही साक्षात् परब्रम्ह हैं। ऐसे गुरू को मैं प्रणाम करता हूँ। उन्होंने बच्चों और देश के भविष्य निर्माण में सभी शिक्षक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और निष्ठा से करने कहा। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते हमारा जितना कर्तव्य है, उसी तरह प्रत्येक शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता दिखा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है, इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को अच्छी मनःस्थिति के साथ अध्यापन के लिए उनकी पदस्थापना उपयुक्त स्थान पर करने जिला शिक्षा अधिकारी का ध्यान आकृष्ट किया,शिक्षक सम्मान समारोह में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों और छात्रों के लिए सम्मान का दिन है, यदि छात्र अपने जीवन में उपलब्धि हासिल करता है तो उसका श्रेय शिक्षकों को जाता है और वे गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जिला, प्रदेश एवं देश के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सभी शिक्षकों को अपने कर्तव्यों-दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन के लिए संकल्प लेना चाहिए। भारत स्काउट एवं गाईड के जिला मुख्य आयुक्त श्री नीरज जैन ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान प्रतिदिन होना चाहिए, जिनके माध्यम से हम आगे बढ़ते हैं। उन्होंने सन् 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में शिक्षकों से सहयोग की अपेक्षा की। पूर्व विधायक डॉ. के के ध्रुव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे के शास्त्री, जनपद अध्यक्ष गौरेला सुश्री ममता पैकरा एवं गणमान्य नागरिक श्री बृजलाल सिंह राठौर ने भी समारोह को संबोधित किया। सभी ने देश, समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका और उनके नैतिक दायित्वों पर प्रकाश डाला।शिक्षक सम्मान समारोह में श्री रामानंद गौतम प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बहरीझोरकी गौरेला, श्री अजय चौधरी शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला भाड़ी पेण्ड्रा एवं श्री नरेन्द्रपाल पैकरा शिक्षक एल बी शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरी मरवाही को साल,श्रीफल,प्रशस्ति पत्र एवं 7 हजार रूपये नगद राशि के साथ ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह शिक्षादूत पुरस्कार के लिए श्रीमती स्वाती तिवारी सहायक शिक्षक एल बी प्राथमिक शाला भदौरा, संतोष कुमार सोनी प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला हर्राडीह, धर्मेन्द्र कैवर्त सहायक शिक्षक एल बी शासकीय प्राथमिक शाला बहरीझोरकी, विजय साहू प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला घघरा, दयाराम भानू सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला कोलानपारा पेण्ड्रा, सर्वेश नामदेव, सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला छपराटोला पेण्ड्रा, डीना टांडिया सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला साल्हेकोटा, रंजीता बंसल प्रधान पाठक कन्या शासकीय प्राथमिक शाला शिवनी एवं कोमल सिंह पेन्द्रो सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला खपरैलटोला मरवाही को साल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं 5 हजार रूपये नगद राशि के साथ शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 13 विद्यालयों के उत्कृष्ट प्राचार्यों और सेवा निवृत्त 39 शिक्षकों को साल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।

समारोह में जनपद अध्यक्ष पेण्ड्रा श्रीमती आशा बबलू मरावी,प्राचार्य डाईट जे पी पुष्प, मुकेश कोरी, लखन लाल जाटवर, सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी,विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

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