• विभावरी साहित्यिक संस्था द्वारा दो पुस्तकों का लोकार्पण

• समारोह अध्यक्ष अंतराष्ट्रीय योगगुरु पद्मश्री डा भारत भूषण व मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शिक्षाविद्/साहित्यकार डॉ योगेंद्रनाथ शर्मा ‘अरुण’ रहे उपस्थित।
• विभावरी अध्यक्ष 85 वर्षीय बालेश्वर कुमार जैन के हैं काव्य संग्रह ‘अभी तरुण हैं गीत’ व आध्यात्मिक संकलन ‘सामायिक पाठ एवं प्रतिक्रमण’।
सहारनपुर की सुविख्यात सांस्कृतिक समिति, विभावरी द्वारा मोक्षायतन योग संस्थान, बेरी बाग में अपने अध्यक्ष बालेश्वर कुमार जैन के काव्य संग्रह ‘अभी तरुण हैं गीत’ तथा आध्यात्मिक संकलन ‘सामायिक पाठ एवं प्रतिक्रमण’ का भव्य लोकार्पण, समारोह अध्यक्ष अंतराष्ट्रीय योगगुरु पद्मश्री डा भारत भूषण, मुख्य अतिथि रुड़की से पधारे प्रसिद्ध शिक्षाविद्/साहित्यकार डॉ योगेंद्रनाथ शर्मा ‘अरुण’, विशिष्ट अतिथि गीतकार रमेश रमन जी (हरिद्वार), टाइम्स आफ इंडिया नई दिल्ली के सिस्टम मैनेजर सुरेश चंद्र जैन, वरिष्ठ कवयित्री सुशीला शर्मा (मुजफ्फरनगर), विभावरी के सचिव/वरिष्ठ साहित्यकार डा विजेन्द्रपाल शर्मा सहित विभावरी पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर डॉक्टर अरुण ने कहा कि यह संग्रह जैन साहब के मन का जीवंत दर्पण है। रमेश रमन ने कहा कि बालेश्वर जी की रचनाएं वास्तविकता के ठोस धरातल से चुनी गई हैं। जहाँ सुरेश चंद्र जैन ने कहा कि बालेश्वर जैन साहब की रचनाएँ सामाजिक और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में चिंता व्यक्त करती हैं तो सुशीला शर्मा के अनुसार जैन भैया की कविताओं में उनके संघर्षपूर्ण जीवन की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। पद्मश्री डा भारत भूषण ने कविता को जीवन का रस बताते हुए बालेश्वर जी के कृतित्व की भूरि- भूरि प्रशंसा की। संस्था ने सभी अतिथियों तथा रचनाकार बालेश्वर कुमार जैन जी का तिलक, माला, अंगवस्त्र, उपहार, सम्मान पत्र आदि देकर सम्मान किया। कुमारी कविता चौधरी और रचना यादव ने बालेश्वर जी के गीतों का मनमोहक पाठ किया। वहीं डॉक्टर अरुण, रमेश रमन, सुरेश चंद्र जैन, सुशीला शर्मा , बालेश्वर जैन तथा भारत भूषण सभी ने काव्य पाठ कर वातावरण को काव्यमय बना दिया। बालेश्वर कुमार जैन जी ने कहा कि उनके भीतर छुपी काव्य चेतना को उभारने का कार्य विभावरी ने किया है, जिसके लिए वे संस्था के आभारी हैं। आगंतुकों का आभार जे के तायल ने किया। साहित्य प्रेमियों से खचाखच भरे सभागार के लोकार्पण समारोह का संचालन संस्था सचिव डॉ विजेंद्र पाल शर्मा ने किया। हरिराम पथिक, आदेश कुमार शर्मा, अमन सिंह, प्रत्यूष जैन, राम कुमार शर्मा, सुनील जैन राना, विपिन सिंघल, पवन कुमार शर्मा एवं विनीत राय जैन का विशेष सहयोग रहा। पुस्तक विमोचन समारोह के बाद जलपान की समुचित व्यवस्था रही। जैन समाज के अध्यक्ष राकेश जैन, प्रोफोसर डा राम विनय शर्मा, विनोद भृंग, नरेंद्र मस्ताना, प्रधानाचार्या डा अनिता देवी, शिक्षक ब्रिजेश शर्मा, राजीव उपाध्याय यायावार, हितेश शर्मा, आशीष भारती सहित अनेक साहित्य अनुरागी उपस्थित रहे।



















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