सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
प्रधानमत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाई : कालवा
श्रीडूंगरगढ़ कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के निदेशक योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा ने सत्यार्थ न्यूज चैनल पर 76 वां अंक प्रकाशित करते हुए प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग को विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाने के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया। अन्तर्राराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN.G.A. ) के 69 वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्व समुदाय से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया श्री मोदी ने कहा योग प्राचीन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की अमूल्य देन हैं। योग अभ्यास शरीर एवं मन विचार एवं कर्म,आत्म संयम एवं पूर्णता की एकात्मकता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य प्रदान करता है।यह स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णतावादी दृष्टिकोण है।योग मात्र व्यायाम नहीं है।बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है योग हमारी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करता है तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक हो सकता है।आइए हम सब मिलकर योग को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार करने की दिशा में कार्य करें।11 दिसंबर 2014 को संयुक्तराष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों ने रिकॉर्ड 177 सह समर्थक देशों के साथ 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प सर्व समिति से अनुमोदित कर दिया 21 जून उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है,जिसे ग्रीष्म संक्रांति कहते हैं। यह दिन साल का सबसे लंबा दिन मना जाता है। ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन में प्रवेश करता है जिसे योग और अध्यात्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस दिन को योग दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला लिया गया। योग तनाव के लिए एक प्रसिद्ध मारक है और बेहतर नींद पैटर्न को बढ़ावा देता है। समय के साथ, जो लोग योग का अभ्यास करते हैं, वे तनाव के स्तर को कम करते हैं, और खुशी और भलाई की भावनाओं में वृद्धि करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आसन और सांस पर ध्यान केंद्रित करना ध्यान के रूप में कार्य करता है। योग आसनों का अभ्यास करने से ताकत और लचीलापन विकसित होता है,साथ ही आपकी नसों को आराम मिलता है और आपका मन शांत होता है। आसन मांसपेशियों, जोड़ों और त्वचा,और पूरे शरीर ग्रंथियों,नसों,आंतरिक अंगों,हड्डियों, श्वसन और मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। योग के भौतिक निर्माण खंड आसन और सांस हैं।
निवेदन
ओम योग सेवा संस्था श्री डूंगरगढ़ द्वारा जनहित में जारी।


















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