श्री सरस्वत्यै नमः🌹🙏
कैमूर
विषय➖ मनभावन सावन
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कविता- आया सावन मास
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आया सावन मास ।
कोई नहीं उदास ।।
आई सुखद बहार ।
पड़ती सतत फुहार ।।१।।
हरित हुए वन-बाग ।
जल से भरे तड़ाग ।।
खिले सुगन्धित फूल ।
उड़े नहीं अब धूल ।।२।।
अद्भुत छटा निहार ।
आते नवल विचार ।।
मन है प्रमुदित आज ।
खुश है सकल समाज ।।३।।
करें विहायस शोर ।
करते नर्तन मोर ।।
करते षट्पद प्रीत ।
गाते गुन-गुन गीत ।।४।।
हर्षित हुए किसान ।
देख-देखकर धान ।।
होती नित बरसात ।
खिल जाते मन-गात ।।५।।
आता है शुभ पर्व ।
सबको जिस पर गर्व ।।
रक्षाबन्धन नाम ।
खुशियांँ मिलें तमाम ।।६।।
सुखकर सावन मास ।
शिव का पावन मास ।।
भक्त जपें शिव-नाम ।
हों पूरे सब काम ।।७।।
शिव का सरल स्वभाव ।
करता दूर अभाव ।।
शिव करते भव-पार ।
हरते क्लेश-विकार ।।८।।
सखि! यह सावन मास ।
करता मम उपहास ।
सावन में दिन-रैन ।
पड़े न पिय बिन चैन ।।९।।
सावन ! मत कर तंग ।
रंग न कर बदरंग ।
मत कर मुझे अधीर ।
हर तन की सब पीर ।।१०।।
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रचनाकार/छात्र – सत्यम कुमार उपाध्याय
बिहार राज्य भारत स्काउट और गाइड
भभुआ, कैमूर, बिहार ।
मोबाइल ➖7061837274
ब्यूरो चीफ, सत्यम कुमार उपाध्याय
7061837274
E-mail ID drsatyamkumarupadhyay@gmail.com
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