• ट्रेन में सफर के दौरान दोस्ती: पिता-पुत्र नहीं समझ सके अंजान युवकों की चाल, होश आया तो छूट गए पसीने।
मथुरा ट्रेन में सफर के दौरान पिता-पुत्र को अंजान युवकों से दोस्ती करना महंगा पड़ गया। भरोसे में आकर दोनों ने आरोपी युवकों द्वारा दी गई चाय पी ली। जिसके बाद दोनों बेहोश हो गए। होश आया तो उनका सारा सामान गायब था। मथुरा से बेटे का एडमिशन कराने लखनऊ जा रहे पिता-पुत्र ट्रेन में जहरखुरानी का शिकार हो गए। जहरखुरान उन्हें नशीली चाय पिलाने के बाद सारा सामान ले उड़े।ट्रेन में सफर के दौरान अंजान युवकों पर भरोसा करना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया। जंक्शन जीआरपी थाने पर मामले की शिकायत लेकर पहुंचे छाता निवासी किसान सुखदेव पांडेय ने बताया कि वह बेटे भरत पांडेय का सीएमएस ईडी कोर्स में प्रवेश कराने के लिए जानकीपुरम लखनऊ जा रहे थे। 31 जुलाई की रात साढ़े 11 बजे बेटे के साथ जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या आठ से मथुरा-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में सवार हुए। उनके सामने की सीट पर दो युवक बैठे थे।ट्रेन आगे बढ़ने पर युवकों ने बातचीत कर उनसे दोस्ताना संबंध बना लिए। उन्हें पीने के लिए चाय दी। भरोसे में आकर उन्होंने चाय पी ली। इसके बाद दोनों अचेत हो गए। 1 अगस्त को ट्रेन के लखनऊ बादशाह नगर पहुंची तो उन्हें होश आया। उनका सारा सामान चोरी हो चुका था। बैग में 25 हजार की नकदी और बेटे के सभी शैक्षणिक प्रमाण रखे थे। उनके दोनों मोबाइल फोन भी चोरी हो चुके थे।
लखनऊ जीआरपी ने उन्हें टिकट के रुपये दिए। तब वह मथुरा घर लौटे। थानाध्यक्ष जीआरपी संदीप तोमर ने बताया कि पीड़ित के बताए समय अनुसार सीसीटीवी फुटेज चेक कराए जा रहे हैं। जल्दी ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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