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बीजेपी नेतृत्व सुदेश, सरयू और जयराम को साधने में जुटी

जगन्नाथ पासवान हजारीबाग ब्यूरो चीफ रिपोर्टिंग

बीजेपी नेतृत्व सुदेश, सरयू और जयराम को साधने में जुटी

 झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 13 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था और सत्ता से बाहर हो जाना पड़ा था। पिछली बार आजसू पार्टी से गठबंधन नहीं होने के कारण ही बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा था। जबकि बीजेपी ने जब सरयू राय को टिकट देने से इनकार कर दिया, तो सरयू राय जमशेदपुर पूर्वी सीट से रघुवर दास के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए थे। जिसके कारण न सिर्फ रघुवर दास को हार का सामना करना पड़ा, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र से बीजेपी का सफाया गया। इसके अलावा आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर भी बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा। इस बार बीजेपी सत्ता में वापसी के लिए सभी को साधने के प्रयास में जुटी है। एक ओर जहां आजसू पार्टी से सीधे तौर पर बातचीत की जा रही है। वहीं पार्टी के कुछ नेता अपने संपर्कों के माध्यम से सरयू राय और जयराम महतो को भी एक मंच पर लाने के प्रयास में जुटे हैं।

चुनाव मैदान में उतरने के पहले जयराम ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव 2024 के तेजी से उभरने वाले जेबीकेएसएस प्रमुख जयराम महतो भी दिल्ली से लौटने के बाद हेमंत सोरेन सरकार पर जोरदार निशाना साधा। जयराम महतो ने बताया कि हाल के दिनों में नगर विकास विभाग में जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है, उनमें से अधिकांश झारखंड से बाहर के रहने वाले हैं। जबकि पिछले दो महीने के दौरान देशभर के कई प्रदेशों में मजदूरी करने गए एक दर्जन से अधिक लोगों की विभिन्न घटनाओं में मौत हो गई। अब भी कई प्रवासी मजदूरों की लाशें उनके घर तक नहीं पहुंच पाई है। जबकि झारखंड के युवाओं के हक और अधिकार को दरकिनार कर बाहरी लोगों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। सरकार की इसी नीति के खिलाफ जेबीकेएसएस के नेता-कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर विरोध कर रहे हैं। 26 जुलाई से झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। सरकार को जवाब देना चाहिए। इन मुद्दों को लेकर पार्टी अगले विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

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