Advertisement

बीकानेर-श्रावण के प्रथम सोमवार कस्बे की चिरपड़नाथ जी की बगीची में हुआ रुद्राभिषेक, महाआरती, व सोमवार को चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में शिव श्रृंगार देखें फोटो व वीडियो सहित खबर

सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

हिंदू पंचाग के अनुसार सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई से प्रारंभ हो गया है, और सावन माह की शुरुआत भी हो गई है। सावन मास हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह माह भगवान शिव को समर्पित होता है और विशेष रूप से सावन के पहले सोमवार का दिन अत्यधिक पवित्र माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और शिवजी का रुद्राभिषेक करने का विधान है। इसे ‘पहला सोमवारी’ या ‘वन सोमवार’ भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से न केवल भक्ति की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन की समस्याओं का समाधान भी होता है। क्षेत्र के सभी शिवालवयों मे भगवान शिव के भक्तो द्वारा विशेष पूजा अर्चना व रुद्राभिषेक किये गये। सभी शिवालयों व मंदिरों आज के दिन प्रायः सभी घरों मे भगवान शिव का विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है तथा उपवास भी किये जा रहे है। क्षेत्र के शिवालयों मे सोमवार अलसुबह से संगीतमय ॐ नमः शिवाय के जप शुरु हो गये। शिवालयों में भक्तो की काफी भिड़ उमड़ी। क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी में स्थित झूलेलाल मंदिर मे सुबह महादेव का विशेष पूजन संपन्न हुआ। क्षेत्र के शिव धोरा मंदिर, प्राचीन राम मंदिर, सनातन श्मशान भूमि स्थित शिवालय, सभी शिवालयो में विशेष पूजन किया गया। कस्बे के सबसे प्राचीन मंदिर चिरपड़नाथजी की बगीची को फुल मालाओं से सजाया गया है। प्रतिवर्ष की भांति आज सुबह 9 बजे से 10.15 बजे तक ऊँ नमः शिवाय का संगीतमय जप प्रारंभ हो गया है। वहीं “भोले की फौज करेगी मौज” टोली के सदस्यों ने बताया कि सुबह 10:30 बजे रूद्राभिषेक का आयोजन होगा तथा दोपहर 4 बजे से शाम 6 बजे तक पूरे सावन में प्रतिदिन महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन होगा। महादेव की महाआरती के दर्शन रात 8 बजे होंगे सोमवार को चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में शिव श्रृंगार किया गया


सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-चिड़पड़नाथ जी बगीची में शिव का भव्य श्रृंगार चंद्रमौलेश्वर भोलेनाथ के रूप में किया गया

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़ -श्रावण मास के प्रथम सोमवार को हुआ महादेव जी का रुद्राभिषेक विद्वान पंडितों द्वारा

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!