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झारखंड,खदान नीलामी मानचित्र पर 24 साल बाद लौटा बिहार

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झारखंड,खदान नीलामी मानचित्र पर 24 साल बाद लौटा बिहारझारखंड,खदान नीलामी मानचित्र पर 24 साल बाद लौटा बिहार

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झारखंड के अलग होने के बाद पहली बार बिहार देश के खदान नीलामी में शामिल हुआ है। निजी निवेशकों के लिए बने ऑक्शन मैप में आठ ब्लॉक में से तीन बिहार के हैं। इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री सह खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि देश में खदान नीलामी मानचित्र (ऑक्शन मैप) में 2000 के बाद पहली बार बिहार का प्रवेश होना गौरव की बात है। विजय सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार के खनन इकोसिस्टम विजन के कारण बिहार के राजस्व में बढ़ोतरी के साथ ही रोजगार सृजन भी होगा। बिहार में निवेश की संभावना बढ़ी बिहार के उपमुख्यमंत्री सह खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा खनन- उत्खनन विषय पर हैदराबाद में 20 जुलाई 2024 को सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के कुल आठ क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक की सफल बोली लगाने वालों की भी घोषणा होगी। इन आठ ब्लॉक में से तीन ब्लॉक बिहार के हैं। इनमें ग्लूकोनाइट, निकेल, क्रोमियम और प्लैटिनम ग्रुप ऑफ एलीमेंट के संभावित खान हैं। इन तीनों खदानों को शुरू करने पर राज्य का तीव्र आर्थिक विकास और निवेश की संभावना में काफी वृद्धि होगी।

पटना एयरपोर्ट से 24 साल बाद शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान, इन देशों के लिए हवाई सेवा जल्द कानून में किये गये कई संशोधन केंद्र सरकार ने खनन नियमावली 1957 में 2015 से महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य खनिज क्षेत्र को निवेशकों के लिए खोलना है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि इन संशोधनों का उद्देश्य खनिज क्षेत्र को निवेशकों के लिए खोलना है। अवैध खनन पर अंकुश के साथ राज्य में वृहद और क्रिटिकल खनिजों के औद्योगिक विकास के लिए हम केंद्र सरकार से सहयोग प्राप्त करने में जुटे हैं। इसका व्यापक असर आने वाले दिनों में राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार संवर्द्धन पर दिखेगा।

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