न्यूज रिपोर्टर मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ
थायराइड रोग का स्थाई समाधान पूर्ण उष्ट्रासन से जानिए योग प्रशिक्षक ओम प्रकाश कालवा के साथ।
श्रीडूंगरगढ़ । कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के निदेशक योग प्रशिक्षक ओम प्रकाश कालवा ने सत्यार्थ न्यूज चैनल पर 44 वें अंक को प्रकाशित करते हुए एडवांस आसनों में पूर्ण उष्ट्रासन के बारे में जानकारी देते हुए बताया।
पुर्ण उष्ट्रासन करने का तरीका
-सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं। इसके बाद अपने घुटनों के बल खड़े हो जाएं। घुटनों और पैरों को एक साथ जोड़ कर रखें। अब धीरे-धीरे पीछे की तरफ झुकने की कोशिश करें। पैर के तलवों पर सर टिका दे। ओर दोनों हाथों से पैर के पंजों को पकड़कर रोकें।
लाभ
-पूर्ण उष्ट्रासन प्रक्रिया में पूरा शरीर शामिल होता है, जिससे पूरे शरीर में स्वस्थ रक्त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है। उष्ट्रासन के सभी चरणों का सही तरीके से पालन करने से आपको अपने ऊपरी शरीर को फैलाने में मदद मिलती है, जिससे आपकी पीठ और कंधों पर ध्यान केंद्रित होता है। यह आपकी समग्र लचीलापन और गतिशीलता को बढ़ाता है।
उष्ट्रासन (ऊंट मुद्रा) सावधानियां
-छाती को टखनों की ओर नीचे लाने की कोशिश न करें, बल्कि छाती को ऊपर की ओर धकेलें, ताकि यह गतिविधि छाती और हृदय को अधिक खोले। सुनिश्चित करें कि कूल्हे पीछे की ओर झुके रहें ताकि पीठ के निचले हिस्से में जगह महसूस हो और दबाव न पड़े।
नोट
-कठिन योगासनों का अभ्यास सदैव अनुभवी योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए।
निवेदन
-ओम योग सेवा संस्था श्री डूंगरगढ़ द्वारा जनहित में जारी।





















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