न्यूज रिपोर्टर नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
क्षेत्र के गांव रिड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को कथा वाचक पंडित कैलाश जी शास्त्री (यशोदानंदन) महाराज ने उपस्थित श्रोताओं को वामन अवतार, समुद्र मंथन व कृष्ण जन्म की कथा सुनाई और धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा वाचक पंडित कैलाश जी शास्त्री ने चौथे दिवस की कथा में वामन अवतार, समुद्र मंथन, कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि अमरत्व पाने के लिए कंस ने घोर तपस्या की, जिस पर प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें दिव्य धनुष प्रदान किया। जिसे लेने के बाद उसने अपने पिता को बंधक बनाकर जेल में डाल दिया और खुद राजा बन गया। उसने अपनी बहन देवकी का विवाह वसुदेव के साथ किया। विदा करते समय आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र तेरा काल होगा। इस बात से कुंठित कंस ने देवकी का वध करना चाहा, इस पर वसुदेव ने कहा कि में आठवां पुत्र उसे पैदा होते ही दे देंगे। जिस पर कंस मान गया और कारावास में डाल दिया। भागवत कथा में कृष्ण जन्म की बधाई सुन श्रोता नाचने लगे और वातावरण कृष्णमय हो गया। कथा के दौरान महिलाओं ने श्रीकृष्ण आरती भी की। तथा माखन मिश्री का प्रसाद वितरण किया इस मौके पर आयोजक तावणियाँ परिवार किशनाराम जी तावणियाँ कै पुत्र मालाराम,लक्ष्मीनारायण, गिरधारीराम, ख्यालीराम, ओमप्रकाश, डूंगरमल, मुन्नीराम व अन्य श्रोता मौजूद रहे।
प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से नानिबाई का मायरा वाचक पंडित विजयकृष्ण शास्त्री द्वारा जरूर सुने
नोट
👉कथा का लाइव प्रसारण आप सभी घर बैठे youtube channel प.कैलाश शास्त्री पर देख व सुन सकते है






















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