सत्यार्थ न्यूज “मनोज कुमार माली” सुसनेर मध्य प्रदेश
• आगामी त्यौहारों के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु दिशा-निर्देश जारी।
आगर-मालवा, 13 जून/ अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दण्डाधिकारी श्री आरपी वर्मा ने आगामी त्यौहार ईदुज्जुहा, मोहर्रम, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, डोल ग्यारस, मिलाद उन नबी, अनंत चतुर्दशी आदि के दौरान आगर-मालवा जिले में कानून, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु संबंधित विभागों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गए है।
जारी आदेशानुसार 17 जून को मुस्लिम समाज द्वारा ईदुज्जुहा पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन नमाज अदा करने मस्जिदों में जाते है, इस दौरान जिले में संपूर्ण शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसकी पर्याप्त व्यवस्था की जावें। 17 जुलाई को मोहर्रम पर्व पर निकाले जाने वाले चल समारोह के दौरान धार्मिक स्थलों, नदी तालाब के घाट आदि में दर्शनार्थियों विशेषकर महिलाएँ एवं बच्चों की भीड़ अत्यधिक रहती है। पर्व के दौरान आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएँ यथा साफ-सफाई, पेयजल, आवारा मवेशियों को हटाने, मार्ग की बाधा हटाने, पेंचवर्क, फायर फाईटर व्यवस्था चिकित्सा व्यवस्था तथा आवश्यक स्थानों पर गोताखोरों की तैनाती, विद्युत एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था एवं संपूर्ण कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखना सुनिश्चित करें।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त को संपूर्ण जिले में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धालुओं द्वारा परंपरागत रूप से श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। इस पर्व के दौरान निकाले जाने वाले चल समारोह, मटकी फोड़ कार्यक्रम तथा धार्मिक स्थलों पर साफ सफाई, पेयजल, आवारा मवेशियों को हटाने, मार्ग की बाधा हटाने, पैंचवर्क, फायर फाईटर व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था सहित कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखना सुनिश्चित करें।
गणेश चतुर्थी 07 सितम्बर को संपूर्ण जिले में मनाई जाएगी। इस 10 दिवसीय उत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती है, गणेश चतुर्थी के दिन चल समारोह के माध्यम से गणेश प्रतिमा श्रद्धालु अपने अपने घर को ले जाते है। दस दिवसीय पर्व के दौरान कई जगहों पर सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। उक्त पर्व के दौरान क्षेत्र में साफ सफाई, कानून एवं शांति सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था आदि हेतु संबंधितों को निर्देश दिए जावें। गणेश चतुर्थी के अवसर पर आमजन को मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा ही स्थापना करने संबंधी जागरूकता के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जावें।
डोल ग्यारस का पर्व 14 सितम्बर को संपूर्ण जिले में मनाया जावेगा, इस दौरान मंदिरों से बेवाण निकाले जाते है जो चल समारोह के रूप में नगर/जिले में विभिन्न मार्गों/क्षेत्रों से निकाले जाकर नदी तालाबों तक ले जाकर विसर्जन होता है। उक्त पर्व के दौरान क्षेत्र में साफ सफाई, मंदिरों, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, नदियों/तालाबों के घाटपर नाव, बोट, रस्सा, होमगार्ड के जवान, गोताखोरों आदि की तैनाती की जाए।
मिलाद उन नबी पर्व 16 सितम्बर को मुस्लिम समाज द्वारा मनाया जावेगा, पर्व के दौरान जूलूस/चल समारोह नगर आगर एवं संपूर्ण जिले के अन्य स्थानों पर विभिन्न मार्गों से निकाला जाता है। जूलूस एवं चल समारोह के दौरान यातायात प्रभावित ना हो। एवं सुरक्षा व्यवस्था, कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती पुलिस विभाग द्वारा की जावे। नगर पालिका/पंचायत द्वारा की जाने वाली परंपरागत व्यवस्थाएँ यथा समुचित पेयजल व्यवस्था, साफ सफाई, आवारा मवेशियों को हटाने हेतु कर्मचारियों की तैनाती, मार्ग बाधा हटाना, पेचवर्क, वॉच टावर निर्माण विद्युत व्यवस्था निरंतर रखने की कार्यवाही की जावें।
अनंत चतुर्दशी का पर्व 17 सितम्बर को मनाया जावेगा, इस दौरान जिले में विभिन्न स्थानों पर झांकियाँ निकाली जाएगी। झांकियों के साथ अखाड़े भी निकाले जाते है। इसी दिन गणपति उत्सव भी समापन होता है, श्रद्धालु गणपति की मूर्तियों का विसर्जन करते है, समस्त नगरपालिका एवं संबंधित निकाय चिन्हित स्थानों पर गणपति की मूर्ति के एकत्रीकरण की व्यवस्था करें एवं सम्मान के साथ मूर्तियों का विसर्जन प्रशासन द्वारा नियत किए गए स्थान पर किया जावें। मूर्ति विसर्जन का कार्य सम्मान के साथ किया जावें ताकि किसी की धार्मिक भावना आहत न होने पाए। उक्त पर्व के दौरान क्षेत्र में साफ-सफाई, मंदिरों, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, नदियों/तालाब के घाट आदि स्थानां पर नाव, बोट, रस्सा, होमगार्ड के जवान, गोताखोरों की तैनाती आदि व्यवस्था की जाए।
नवरात्रि पर्व 03 अक्टूबर से प्रारंभ होगा जो कि 11 अक्टूतक तक चलेगा, इस दौरान नगर एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घट स्थापना के साथ गरवों के पाण्डाल लगाए जाते है, पाण्डालों में माता की मूर्ति की स्थापना की जाती है, एवं महिलाओं द्वारा गरबे किए जाते है। गरबा के आयोजक अपने कार्यकर्ताओं की सूची अपने क्षेत्राधिकार के जाना प्रभारी को अनिवार्यतः उपलब्ध करायेंगे, संबंधित थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के गरबा के संचालक की सूची अनिवार्य रूप से लेना सुनिश्चित करेंगे। संबंधित थाना प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने क्षेत्र के गरबा आयोजक की बैठक आयोजित कर पर्व को शांतिपूर्वक मनाए जाने हेतु पाबंद करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी आयोजन के दौरान यातायात प्रभावित ना हो। गरबों के दौरान उच्चतम न्यायालय एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिए गए निर्देशानुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जावें, डी.जे. का उपयोग नहीं किया जावे, गरबों के दौरान पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए ईको फ्रेन्डली प्रतिमा की स्थापना की जावें। नवरात्रि पर्व के दौरान जिले में स्थित विभिन्न माता मंदिरों माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा एवं अन्य पर दर्शनार्थियों/श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहती है, श्रद्धालु बड़ी संख्या में पैदल यात्रा के रूप में प्रतिदिन जाते है, इसलिए इन स्थानों पर सुरक्षा हेतु विशेष ध्यान रखा जावें।
विजया दशमी 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा, इस दौरान नगर आगर सहित संपूर्ण जिले में विभिन्न स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम होते हैं, जुलूस एवं चल समारोह निकाले जाते है, क्षेत्र में स्थित विभिन्न मंदिरों/देवरों से बाड़ी चल समारोह निकाले जाते है जो कि विसर्जन हेतु नगर पालिका/पंचायत द्वारा नियत किए गए स्थलों पर ही विसर्जन किया जाता है। रावण दहन कार्यक्रम के संबंध में आयोजकों के साथ संबंधित थाना प्रभारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुविभागीय दण्डाधिकारी, बैठक आयोजित कर पर्व को शांति पूर्वक मनाये जाने हेतु पाबंद करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी आयोजन के दौरान यातायात प्रभावित ना हो। जिले में किए जाने वाले रावण दहन के कार्यक्रम स्थलों पर विशेष सावधानी एवं सतर्कता रखी जावें।
महर्षि वाल्मिकी जयंती पर वाल्मिकी समाज द्वारा जुलूस/वल समारोह निकाले जाते है, जुलूस के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था बनाए रखे, इसी प्रकार इसी दिन से कार्तिक मास प्रारंभ होने से विभिन्न नदियों/तालाबों के घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्नान किया जाता है. इस दौरान उक्त घाटों पर गोताखोरों की व्यवस्थाएवं पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जावें।
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