न्यूज़ रिपोर्टर हीरा सिंह गुर्जर
नादौती
दंगल में कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुति
सोप। हर साल की भांति इस वर्ष भी सोप गांव में कल्याण महाराज के मंदिर में बस्ती की सर्व समाज से तीन दिवसीय विशाल विशाल दंगल का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि बृजलाल बाबूलाल व हेमराज मीणा भगवासहाय मास्टर पर आचार्य गोपाल शास्त्री ने मित्रों से पंच पटेलों के साथ किया। उसके बाद हनुमान भक्त मॉडल सोप ने सर्वप्रथम भवानी मन कर गणेश जन्मोत्सव उत्सव की कथा सुनाएं। मंडल के व्यवस्थापक बालकृष्ण सेन ने बताया कि इस बार दंगल में बहुत दूर-दूर से कलाकार भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे कार्यक्रम में क्षेत्रीय कलाकार भक्ति कथाओ के साथ साथ समाज में कुरीतियों से बचने के मैसेज भी देते हैं। सरकारो गलत फैसले व अधिकारियों के भ्रष्टाचारों के कारनामों को अपनी गायन विद्या के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत करते हैं। प्राचीन ख्याल पार्टी 52 वास के मेडिया मंत्रू सैन पाटी ने रंगारंग प्रस्तुत दी। उसके बाद मीना मंडल रानीला ने सीता जन्म की कथा सुनाई। सूरत के कलाकारों ने माता अनुसूइया की कथा सुनकर माता बहनों को अपने सती प्रथा की रक्षा करने पर विशेष जोर दिया। उसके बाद रानीला के बाबूलाल शर्मा ने अपनी पार्टी के साथ राजा मोरध्वज के त्याग की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गऐ। पार्टी के सहयोगी व्यवस्थापक योगेश समादिया व विष्णु जोशी ने बताया। कि कलाकारों के द्वारा चुनाव में सरकार की लापरवाही के ऊपर पर कलयुग में हो रहे अत्याचारों के ऊपर रचित ख्याल की प्रस्तुति दी। आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि बृजलाल बाबूलाल व हेमराज मीणा भगवासहाय मास्टर पर आचार्य गोपाल शास्त्री ने मित्रों से पंच पटेलों के साथ किया। उसके बाद हनुमान भक्त मॉडल सोप ने सर्वप्रथम भवानी मन कर गणेश जन्मोत्सव उत्सव की कथा सुनाएं। मंडल के व्यवस्थापक बालकृष्ण सेन ने बताया कि इस बार दंगल में बहुत दूर-दूर से कलाकार भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे कार्यक्रम में क्षेत्रीय कलाकार भक्ति कथाओ के साथ साथ समाज में कुरीतियों से बचने के मैसेज भी देते हैं। सरकारो गलत फैसले व अधिकारियों के भ्रष्टाचारों के कारनामों को अपनी गायन विद्या के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत करते हैं। प्राचीन ख्याल पार्टी 52 वास के मेडिया मंत्रू सैन पाटी ने रंगारंग प्रस्तुत दी। उसके बाद मीना मंडल रानीला ने सीता जन्म की कथा सुनाई। सुरौठ के कलाकारों ने माता अनुसूइया की कथा सुनकर माता बहनों को अपने सती प्रथा की रक्षा करने पर विशेष जोर दिया। उसके बाद रानीला के बाबूलाल शर्मा ने अपनी पार्टी के साथ राजा मोरध्वज के त्याग की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गऐ। पार्टी के सहयोगी व्यवस्थापक योगेश समादिया व विष्णु जोशी ने बताया। कि कलाकारों के द्वारा चुनाव में सरकार की लापरवाही के ऊपर पर कलयुग में हो रहे अत्याचारों के ऊपर रचित ख्याल की प्रस्तुति दी।

















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