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बीकानेर-योग से जुड़ी हुई अनसुनी जानकारियां जानिए योग एक्सपर्ट ओम कालवा के साथ।

योग से जुड़ी हुई अनसुनी जानकारियां जानिए
योग एक्सपर्ट ओम कालवा के साथ।

न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

श्री डूंगरगढ़। कस्बे के योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा ने जानकारी देते हुए बताया कि बहुत सारे योगी भाई बहनों के दिमाग में सवाल उठते हैं। उन कुछ सवालों के जवाब इस खबर में प्रकाशित किया जा रहा है।

∆ योग के उद्देश्य है।
योग का एकमात्र उद्देश्य आत्मा-परमात्मा के मिलन द्वारा समाधि की अवस्था को प्राप्त करना है। इसी अर्थ को जानकर कई साधक योगसाधना द्वारा मोक्ष, मुक्ति के मार्ग को प्राप्त करते हैं। योग के अन्तर्गत यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि को साधक चरणबद्ध तरीके से पार करता हुआ कैवल्य को प्राप्त कर जाता है।

∆ योग का दूसरा नाम।
‘योग’ शब्द ‘युज समाधौ’ आत्मनेपदी दिवादिगणीय धातु में ‘घं’ प्रत्यय लगाने से निष्पन्न होता है। इस प्रकार ‘योग’ शब्द का अर्थ हुआ- समाधि अर्थात् चित्त वृत्तियों का निरोध। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योग’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा।

∆ पहला योगी।
योग विद्या में शिव को “आदि योगी” तथा “आदि गुरू” माना जाता है। भगवान शंकर के बाद वैदिक ऋषि-मुनियों से ही योग का प्रारम्भ माना जाता है। बाद में कृष्ण, महावीर और बुद्ध ने इसे अपनी तरह से विस्तार दिया। इसके पश्चात पतञ्जलि ने इसे सुव्यवस्थित रूप दिया।

∆ योग के गुरु।
भारत के योग गुरु परमहंस योगानंद को योग का सबसे पहला और मुख्य गुरु माना गया है. परमहंस योगानंद ने पश्चिम के लोगों को मेडिटेशन और क्रिया योग के बारे में जागरूक किया.

∆ योग के देवता।
सबसे पहले जवाब दिया गयाः योग के देवता कौन है? भगवान शिव को योग, ध्यान और कलाओं का संरक्षक देवता (God) माना जाता है। भारतीय संस्कृति में भगवान शिव को आदि योगी और आदि गुरु के रुप में जाना जाता है।

∆ योग की देवी।
द्वापर युग में जब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया, ठीक उनके पहले मां दुर्गा ने योग माया के रूप में जन्म लिया था।

∆ योग का राजा।
शीर्षासन को आसनों का राजा माना गया है जैसे फलों का राजा आम है।

∆ योग में परमात्मा।
ईश्वर वह है जिससे सब कुछ आता है, जिसमें सभी जीवित हैं, और ईश्वर के सत्य की ओर लौटना, जो अब अज्ञान से ढका हुआ है, जीवन में आत्मा का लक्ष्य है। अपने सर्वोच्च सत्य में, ईश्वर पूर्ण और अनंत शांति, चेतना, अस्तित्व, शक्ति और आनंद है।

∆ योग संस्थापक।
भगवान शंकर के बाद वैदिक ऋषि-मुनियों से ही योग का प्रारम्भ माना जाता है। बाद में कृष्ण, महावीर और बुद्ध ने इसे अपनी तरह से विस्तार दिया। इसके पश्चात पतञ्जलि ने इसे सुव्यवस्थित रूप दिया।

∆ योग का जन्म।
भारत में योग दिवस का इतिहास है 5000 वर्ष पुरानाभारत में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है। शारीरिक रूप से फिट रहने और मानसिक शांति व अध्यात्म के लिए लोग योग
प्राचीनकाल से ही कर रहे हैं।

∆ सुबह योग करने के फायदे।
सुबह का योग तनाव को कम करने, श्वसन स्वास्थ्य को मजबूत करने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है।
चूंकि ये सभी कारक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में योगदान करते हैं, इसलिए सुबह योग का अभ्यास प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

∆ योग कितने घंटे तक करना चाहिए?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक, रोजाना 30 मिनट का योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आदर्श माना जाता है।

∆ योग करते समय क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए?
1. बेंड्स (झुकना) करते वक्त ध्यान दें
2. सीधे बैठें
3. वर्कआउट के बाद रिलैक्स
4. शरीर को ऊपर-नीचे रखने वाले आसन करते वक्त सावधानी
5. ट्विस्ट ज्यादा ना करें
6. योगा के तुरंत बाद शावर ना लें
7. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या के दौरान योग ना करें
8. सहज कपड़े पहनें

∆ ज्यादा योग करने के नुकसान।
अगर योग को आप जरूरत से ज्यादा करेंगे, तो स्पाइन में समस्या हो सकती है। इसके अलावा आपकी पीठ या कमर में दर्द उठ सकता है। अगर आप आसन को ठीक ढंग से नहीं कर पाएंगे या आसन को ज्यादा समय देंगे, तो किडनी और अन्य अंगों पर इसका बुरा असर पड़ेगा।

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