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गुरुग्राम-शिक्षा का ज्ञान आखरी सांस तक पूरा नही हो पाता — अरुण मोहन भारद्वाज ।

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शिक्षा का ज्ञान आखरी सांस तक पूरा नही हो पाता — अरुण मोहन भारद्वाज ।

गुरुग्राम —
संवाददाता पूर्णानंद

( प्रीति धारा ) शिक्षा का ज्ञान वो ज्ञान है जो हर उम्र में हमे कुछ ना कुछ सीखने के लिए प्रेरित करता है ओर आखरी सांस तक पूरा नही होता । यह बात ^ बुक्स एन ^ के बिजनेस लीड अरुण मोहन भारद्वाज ने अंबेडकर जयंती कि पूर्व संध्या के अवसर पर (सुधा सोसाइटी फाउंडेशन) को 80 पुस्तक दान करते हुए कही ।
सुधा सोसाइटी की अध्यक्ष सुश्री दीप्ति गोयल
ने बुक्स’एन के प्रति आभार व्यक्त किया। इन पुस्तकों का विषय कहानी , फ्रिक्शन , ऐक्टिविटिड और स्कूल की है जिन्हें बच्चों में वितरित किया गया ।किताबें बेचने से परे अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करना।
बिजनेस लीड अरुण मोहन भारद्वाज के अनुसार, उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पुस्तक प्रेमी को अपनी पसंदीदा किताबों तक पहुंच मिले, चाहे वे कहीं भी हों। दयालुता का यह कार्य साहित्य के माध्यम से ज्ञान फैलाने के प्रति उनके समर्पण को उजागर करता है। यह दर्शाता है कि किताबों के प्रति उनका जुनून व्यवसाय से परे है, जो दूसरों को इस विचार को अपनाने के लिए प्रेरित करता है कि पढ़ने की कोई सीमा नहीं होती। ^बुक्स एन ^ इस बात का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे शिक्षा सभी तक पहुँच सकती है, चाहे वे कहीं भी हों।

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