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सम्भल ,बैंक द्वारा नो डीयूज न देने पर बैंक पर लगाया 5000 का जुर्माना

मुकेश कुमार

जिला सम्भल

स्थान बहजोई ( चंदौसी )

सम्भल ,बैंक द्वारा नो डीयूज न देने पर बैंक पर लगाया 5000 का जुर्माना

satyarath.comबहजोई निवासी भुवनेश कुमार ने अपने मकान के कागज पंजाब नेशनल बैंक बहजोई में रखकर वर्ष 2019 में 22 लख रुपए का ऋण लिया था बर्ष 2021में बैंक द्वारा भुवनेश कुमार को बताया गया की ऊपर से ऋण वसूली का आदेश है जिस कारण आप अपना समस्त ऋण जमा कर सकते हैं भुवनेश द्वारा वर्ष 2021 में बैंक द्वारा बताई गई सभी शेष पंजाब नेशनल बैंक के ऋण खाते में जमा की गई और अपने द्वारा प्रतिभू के तौर पर रखी गई बैनामे की मूल प्रति प्राप्त की बैंक द्वारा नोडियूज जारी नहीं किया गया और वर्ष 2023 में पंजाब नेशनल बैंक शाखा द्वारा भुवनेश कुमार पर को नोटिस जारी कर बैंक के 22883 रुपए 52 पैसे आपके ऊपर शेष है की मांग की गई तो भुवनेश कुमार ने बैंक से संपर्क किया और बताया कि आपके द्वारा बताई गई समस्त धनराशि रुपए 21 लाख 61451 मेरे द्वारा 11 2 2021 को ही जमा कराए जा चुके हैं जिसमें मैने 14 पैसे अधिक जमा है परंतु बैंक द्वारा उसकी कोई बात नहीं सुनी जिस पर उन्होंने उपभोक्ता मामलों की विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय से संपर्क किया और जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग संभल में भुवनेश कुमार की ओर से पंजाब नेशनल बैंक शाखा बहजोई के विरुद्ध एक परिवाद 2023 में आयोजित किया और अपनी व्यथा आयोग के समक्ष रखी आयोग ने बैंक को तलब किया और तलब करने के उपरांत बैंक द्वारा आयोग में उपस्थित होकर यह बताया गया की परिवादी द्वारा समस्त धनराशि का भुगतान 2021 में किया गया है परंतु कुछ आउटस्टैंडिंग चार्ज परिवादी पर शेष है जिनकी मांग बैंक द्वारा की जा रही है बिना चार्ज जमा किए परिवादी को नो डियूज जारी किया जाना संभव नहीं है वहां भुवनेश की ओर से लव मोहन वार्ष्णेय ने उक्त बातों का विरोध किया और आयोग से कहा कि यदि बैंक का कोई भी शेष होता तो बैंक द्वारा ऋण खाते में उसका उल्लेखित करना अनिवार्य है और बैंक द्वारा ऋण खाते के विवरण में किसी प्रकार का कोई अभिलेखित नहीं किया है ऐसी स्थिति में परिवादी से अतिरिक्त धनराशि मांग करना अनुचित है तो बैंक की ओर से बताया गया कि कलेक्शन चार्ज की मांग कर रहे हैं वह कलेक्शन चार्ज हमें दिलाया जाए जिसका फिर भी विरोध भुवनेश के अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय द्वारा किया गया और कहा गया कि किसी भी चार्ज के लिए बैंक जब ही उसे वसूल कर सकती थी जब खाता बंद करते समय या पूर्ण जमा करते समय ऋण लेने वाले व्यक्ति को बताया जाए आयोग ने दोनों पक्षों की बहस को सुना और आयोग के अध्यक्ष व सदस्यगण ने अपना निर्णय परिवादी के पक्ष में सुनाते हुए आदेश दिया कि परिवाद संख्या 127 सन 2023 स्वीकार किया जाता है विपक्षी पंजाब नेशनल बैंक द्वारा परिवादी को प्रेषित नोटिस दिनांक 6/5/23 का0 संख्या 12ग1/ 8 निरस्त की जाती है विपक्षी परिवादी को प्रश्नगत ऋण खाते के संबंध में नो डियूज प्रमाण पत्र एक माह के अंदर जारी करें इसके अलावा विपक्षी बैंक परिवादी को मुबलिग ₹5000 मानसिक कष्ट एवम आर्थिक हानि की मद में तथा ₹5000 वाद व्यय के मद में अदा करेगीsatyarath.com

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