संवाद दाता सुधीर गोखले
इस वित्तीय वर्ष में जिले में डाक टिकटों की बिक्री में चार करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है और 31 मार्च, 2026 तक हमारे विभाग ने सरकारी खजाने में 364 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया है। यह जानकारी डाक टिकट संग्राहक प्रमोद कदम और जिला रजिस्ट्रार श्रीराम कोली ने हमारे संवाददाता को दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सरकारी खजाने में 360 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र हुआ था। हालांकि, इस वित्तीय वर्ष में 12,000 कम दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं, फिर भी आय में चार करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने आगे बताया कि हर साल तैयार-मान्यता प्राप्त करने वाले दस्तावेजों की संख्या बढ़ती है और इस खर्च को संतुलित करने के लिए मार्च के अंत तक अधिक खरीद-बिक्री दस्तावेज जारी किए जाते हैं। इसलिए, 31 मार्च की छुट्टी के बावजूद हमारे विभाग ने जिले के सभी द्वितीयक रजिस्ट्रार कार्यालयों को खुला रखा। इस वर्ष औसत लक्ष्य प्राप्ति दर 87.91 रही। कुल 58345 दस्तावेज़ पंजीकृत किए गए। पिछले वर्ष की तुलना में पंजीकरण की संख्या कम है, लेकिन राजस्व में 4 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इस वर्ष हमारे कार्यालय का लक्ष्य 415 करोड़ रुपये था, लेकिन हम 364 करोड़ रुपये तक पहुँचने में सफल रहे। वास्तव में, 364 करोड़ 80 लाख रुपये का स्टांप शुल्क एकत्र किया गया है।
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