जिले में 10 वीं-12 वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार लाने कलेक्टर का सतत प्रयास जारी,
छापामार शैली में विभिन्न स्कूलों का किया निरीक्षण, शिक्षकों-विद्यार्थीयों की उपस्थिति एवं पढ़ाई स्तर का लिया जायजा, शिक्षकों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश,

सूरज यादव, गौरेला पेंड्रा मरवाही। पिछले बोर्ड परीक्षा में 10 वीं-12 वीं के परिणाम में जिले की खराब स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी द्वारा आगामी बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षकों एवं विद्यार्थीयों की उपस्थिति, पढ़ाई का स्तर एवं संसाधनों का जायजा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर ने आज जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे के साथ मरवाही विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल लरकेनी, शासकीय हाई स्कूल करसीवां, शासकीय हाई स्कूल मड़वाही, शासकीय हाई स्कूल पण्डरी, पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मरवाही और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मरवाही का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक स्कूलों में शिक्षकों की बैठक लेकर विद्यार्थीयों की दर्ज संख्या एवं उपस्थिति, शिक्षकों की पदस्थापना तिथि, उनके द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषय और पिछले बोर्ड परीक्षा परिणाम का प्रतिशत की जानकारी ली। लगभग सभी स्कूलों में दर्ज संख्या के अनुरूप विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने और पिछला परीक्षा परिणाम संतोष जनक नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त किए।

कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि आप बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं, साल भर पढ़ाते हैं फिर भी बच्चा 33 प्रतिशत अंक नहीं ला पाते हैं, यह स्थिति आप की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षकों को अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समर्पण भाव से पढ़ाने और लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तिथि नजदीक है बच्चों का समझांए, बार-बार अभ्यास करांए, अनावश्यक रुप से अवकाश पर नहीं जांए। निरीक्षण के दौरान सेजेस मरवाही में पिछले वर्ष का परीक्षा परिणाम कमजोर होने की जानकारी पर कलेक्टर ने बेहद अफसोस जताते हुए कहा कि सेजेस स्कूल का अपना अलग ही पहचान है, जिसे कायम रखना है।

उन्होंने कहा कि अपने जिम्मेदारी का निर्वहन सही ढंग से करें, एक भी बच्चा अनुत्तीर्ण नहीं होना चाहिए, संस्था का परिणाम ठीक नहीं आने पर विषयवार शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए कहा कि बच्चों को रूचिकर ढंग से पढ़ाएं, लगातार अभ्यास कराएं, रटवाने के बजाय समझाकर पढ़ाएं, ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयारी कराएं, अपना ड्यूटी पूरा करके सिर्फ खानापूर्ति नहीं करें, समन्वय बनाकर बच्चों का भविष्य संवारें और उन्हें सही दिशा दें। उन्होंने पढ़ाई के दौरान क्लास रूम में मोबाइल नहीं ले जाने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के क्लास रूम में जाकर उनके अध्ययन-अध्यापन के स्तर की भी परख की और बच्चों को नियमित रुप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने कहा।

















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