सफलता_की_कहानी संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
शासन की योजनाओं से लौटी दिव्यांका की आँखों की रोशनी, जरूरतमंदों को मिली त्वरित आर्थिक सहायता
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – मध्यप्रदेश शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ ज़मीनी स्तर पर कैसे जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव ला रही हैं, इसका सशक्त उदाहरण पांढुर्णा जिले में देखने को मिला है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के संवेदनशील मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से जहाँ 7 वर्षीय मासूम दिव्यांका वंजारी की आँखों की रोशनी लौट आई, वहीं गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो अन्य पात्र हितग्राहियों को भी समय पर आर्थिक सहायता प्रदान कर उपचार का मार्ग प्रशस्त किया गया।
दिव्यांका के जीवन में आया नया सवेरा
धावडीखापा निवासी 7 वर्षीय दिव्यांका वंजारी जन्मजात दोनों आँखों में मोतियाबिंद के कारण देखने में असमर्थ थी। आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के अंतर्गत स्कूलों में की जा रही नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. लता खण्डार, श्रीमती रीता बुवाडे (एएनएम) द्वारा दिव्यांका की पहचान की गई।

पुष्टि हेतु दिव्यांका को सिविल अस्पताल पांढुर्णा में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पूनम श्रीवास्तव को दिखाया गया। तत्पश्चात जिला अस्पताल छिंदवाड़ा होते हुए, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाडे के माध्यम से दिव्यांका को सेवा सदन हॉस्पिटल, बैरागढ़ (भोपाल) में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका सफल ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन हेतु शासन की ओर से 31,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। सफल उपचार के बाद दिव्यांका के पिता श्री दीपक वंजारी ने आशा कार्यकर्ता, शिक्षक श्री घनश्याम कालभोर, शिक्षिका श्रीमती उर्मिला डाले, स्वास्थ्य विभाग एवं कलेक्टर पांढुर्णा का हृदय से आभार व्यक्त किया।
जरूरतमंदों को त्वरित राहत: कलेक्टर की मानवीय पहल
इसी क्रम में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत गंभीर बीमारियों से पीड़ित दो पात्र हितग्राहियों को कुल 55,000 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। यह राशि संबंधित अस्पतालों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जा रही है, जिससे उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो।

स्वीकृत सहायता का विवरण:
श्रीमती विना प्रल्हाद मानेकर, निवासी वार्ड क्रमांक 09, पांढुर्णा — उपचार हेतु 30,000 रुपये स्वास्थ्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नागपुर को स्वीकृत।
श्री फत्तुजी धनराज माने, निवासी वार्ड क्रमांक 08, सावांगा, पांढुर्णा — उपचार हेतु 25,000 रुपये आदित्य हॉस्पिटल, सावनेर को स्वीकृत।
प्रशासन पर बढ़ा आमजन का विश्वास
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप उनका निरंतर प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र नागरिक आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे। उनकी इस संवेदनशील और मानवीय पहल से न केवल जरूरतमंद परिवारों को राहत मिली है, बल्कि प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।

















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