2026 की ऐतिहासिक जामसांवली पदयात्रा में नया आकर्षण,जनमानस के पीतल दान से निर्मित प्रभु श्रीराम दरबार, नव निर्मित भव्य रथ में होंगे विराजमान*दानदाता गणेश बापू बालपांडे ने रथ निर्माण के लिए 2 लाख रुपए देने की घोषणा

पांढुर्णा।
पांढुर्णा जिला आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम है। जिले की आस्था का केंद्र चमत्कारी श्री हनुमान दादा जामसांवली के प्रति जनमानस की अटूट श्रद्धा हर वर्ष विशाल जामसांवली पदयात्रा में देखने को मिलती है। पांढुर्णा मुख्यालय से प्रतिवर्ष वर्ष के अंतिम शनिवार को निकलने वाली इस पदयात्रा में हजारों हनुमान भक्त नंगे पांव लगभग 40 किलोमीटर की पदयात्रा कर जामसांवली धाम पहुंचते हैं और सुख-शांति की कामना करते हैं।
सन 2010 से विशाल जामसांवली पदयात्रा समिति के तत्वावधान में यह पदयात्रा नगर के हृदय स्थल से प्रारंभ हो रही है। भक्तों की गहरी आस्था को देखते हुए समिति द्वारा घर-घर जाकर पीतल दान अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत संग्रहित 111 किलो पीतल से मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भैया लक्ष्मण एवं वीर हनुमान की मनमोहक प्रतिमाओं का निर्माण कराया गया। ये पावन प्रतिमाएं आज जनमानस की श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी हैं।

हर वर्ष पदयात्रा में इन दिव्य प्रतिमाओं को रथ में विराजमान कर भक्त नंगे पांव स्वयं रथ को खींचते हुए जामसांवली धाम तक ले जाते हैं। यह दृश्य पदयात्रा का सबसे भावनात्मक और आकर्षक केंद्र बिंदु होता है।
2026 की पदयात्रा के लिए नव निर्मित श्रीराम रथ, गणेश (बापु) बालपांडे ने की 2 लाख रुपये की घोषणा

वर्ष 2026 की विशाल जामसांवली पदयात्रा को और भव्य स्वरूप देने के लिए नए श्रीराम रथ की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी क्रम में मानव अधिकार परिषद उत्तर भारत के अध्यक्ष एवं विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड संयोजक श्री गणेश (बापु) डोमाजी बालपांडे द्वारा पदयात्रा समिति अध्यक्ष मनोज गुड़धे से संपर्क कर रथ निर्माण हेतु 2 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की गई।
नए रथ में विशेष धातु से निर्मित लगभग एक क्विंटल 4 किलो वजनी प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भैया लक्ष्मण एवं वीर हनुमान की प्रतिमाएं विराजमान होंगी। यह नव निर्मित श्रीराम रथ वर्ष 2026 की पदयात्रा में भक्तों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
श्री गणेश (बापु) बालपांडे की इस घोषणा से क्षेत्र के हनुमान भक्तों एवं धार्मिक संगठनों में हर्ष की लहर है। उनके इस आध्यात्मिक सहयोग की सराहना करते हुए विशाल जामसांवली पदयात्रा समिति ने बालपांडे परिवार को रथ पूजन का प्रथम अधिकार प्रदान करने का निर्णय लिया है।
भक्ति, आस्था और सेवा का यह संगम निश्चित ही 2026 की जामसांवली पदयात्रा को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगा।

















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