इंदौर दूषित जल त्रासदी पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन,16 मौतों के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफ़े को लेकर पुतला दहन*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण हुई 16 निर्दोष नागरिकों की दर्दनाक मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर और अमानवीय लापरवाही के विरोध में आज कांग्रेस पार्टी द्वारा पांढुरना जिल में जोरदार प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान मोहन यादव सरकार के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पुतला दहन किया गया तथा घंटा बजाकर “सोई हुई सरकार को जगाने” का प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया गया।
विधायक कार्यालय से घंटा बजाते हुए सभी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रैली के रूप में MPL ग्राउंड के सामने पहुंचे। जहां मुख्य मार्ग पर सरकार तथा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद पुतला दहन किया गया इस दौरान पुलिस के साथ कांग्रेसियों की झड़प भी हुई।
इस विरोध प्रदर्शन में पांढुरना, सौसर, नांदनवाड़ी, बड़चिचोली ब्लॉक एवं नगर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। , जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ये नेता

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एवं सहभागिता निम्न जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने की—
विधायक श्री नीलेश उईके
प्रदेश युवक कांग्रेस उपाध्यक्ष कुमारी गीता कड़वे
जिला, ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस के पदाधिकारी
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक
विधायक नीलेश उईके का तीखा बयान
विधायक श्री नीलेश उईके ने कहा—
“इंदौर जैसी महानगर में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सीधे-सीधे शासन की आपराधिक लापरवाही है। यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता है। जब तक जिम्मेदार मंत्री इस्तीफा नहीं देते और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।”
कुमारी गीता कड़वे का सरकार पर हमला
प्रदेश युवक कांग्रेस उपाध्यक्ष कुमारी गीता कड़वे ने कहा—
“प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को सुरक्षित पेयजल तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। मंत्री और अफसर जिम्मेदारी लेने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। 16 मौतों का हिसाब सरकार को देना ही होगा।”
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि
जल आपूर्ति व्यवस्था की समय पर जांच नहीं की गई
शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया
मौतों के बाद भी जिम्मेदार मंत्री नैतिक जिम्मेदारी से बच रहे हैं
कांग्रेस ने मांग की कि— दोषी अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज हो
मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले
प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच हो
चेतावनी: आंदोलन होगा और तेज
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी जन आंदोलन का रूप लेगा।

















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