पांढुर्णा जिले में चायनीज धागे के विक्रय एवं पतंगबाजी में उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने जनहित, लोक शांति तथा आमजन की जान-माल की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पांढुर्णा जिले की राजस्व सीमा में चायनीज (चायना) धागे के विक्रय, भंडारण एवं पतंगबाजी में उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
मीडिया एवं जनसामान्य द्वारा यह तथ्य संज्ञान में लाया गया है कि पतंगबाजी में उपयोग होने वाला चायना का धागा अत्यधिक घातक है, जिससे पक्षियों एवं जनसामान्य को गंभीर क्षति पहुँचती है। कई बार पक्षी इस धागे में उलझकर घायल हो जाते हैं तथा अनेक मामलों में उनकी मृत्यु तक हो जाती है। वहीं सड़क पर चलने वाले राहगीर भी इस धागे के संपर्क में आने से घायल हो चुके हैं। चायना धागे की अत्यधिक मजबूती इन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है, जिससे पशु-पक्षियों एवं जनसामान्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
निकट भविष्य में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी की जाती है। ऐसे में चायना धागे के उपयोग से संभावित दुर्घटनाओं एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए इसके उपयोग पर तत्काल रोक आवश्यक प्रतीत हुई। इसी क्रम में पांढुर्णा जिले की सीमा में चायना धागे का पतंगबाजी में उपयोग, उसका भंडारण एवं विक्रय प्रतिबंधित किया गया है।
यह आदेश जनसाधारण की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभावशील किया गया है तथा इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लोक सूचना हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, जिससे आमजन को प्रतिबंध की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।


















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