अतिथि शिक्षकों का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का प्रारंभ, विधायक का मिला समर्थन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुर्ना – प्रदेश सरकार की अनदेखी से आक्रोशित अतिथि शिक्षकों द्वारा शुरू किए गए तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। पांढुर्ना विधायक श्री नीलेश उइके एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जतन उइके ने धरना स्थल पर पहुंचकर अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को खुला और स्पष्ट समर्थन दिया।
दोनों नेताओं ने अतिथि शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अपने कंधों पर ढोने वाले अतिथि शिक्षकों के साथ सरकार का यह व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक आज असुरक्षा, कम मानदेय और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार आंख मूंदे बैठी है।
“अतिथि शिक्षकों की लड़ाई हमारी लड़ाई है” – नीलेश उइके
विधायक श्री नीलेश उइके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
अतिथि शिक्षकों की लड़ाई सिर्फ रोजगार की नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सम्मान की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर अतिथि शिक्षकों के साथ खड़ी है।
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री जतन उइके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अतिथि शिक्षकों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेस संगठन इस आंदोलन को सड़क से सदन तक ले जाएगा।
रविवार को विशाल रैली, सौंपा जाएगा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
आंदोलन के अंतिम दिन रविवार को विशाल रैली निकालकर सरकार को चेताने का ऐलान किया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अतिथि शिक्षक अपनी मांगों पर तत्काल निर्णय की मांग करेंगे। संगठन ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा, आवश्यकता पड़ी तो इसे और उग्र रूप दिया जाएगा।
धरना स्थल पर मौजूद रहे संगठन के ये पदाधिकारी
जिला अध्यक्ष: रवि पाटिल
जिला संयोजक: सिरपत पवार
जिला कार्यकारी अध्यक्ष: बंडु गोलाईत
सौंसर ब्लॉक:
राजेंद्र पिम्पलकर, प्रदीप एमदे, श्याम डोंगरे
नान्दनवाड़ी ब्लॉक:
जावेद शेख, घनश्याम गोहिते, दिवाकर सरयाम, उमेन इवने, प्रवीण साहू
पांढुर्ना ब्लॉक:
गजानन वानखेड़े, प्रमोद तहकीत, जीतेन्द्र पराड़कर
धरना स्थल पर एक स्वर में नारा गूंजा
“अब और इंतज़ार नहीं, अधिकार लेकर रहेंगे।”

















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