अपराध, नशा और लापरवाही पर प्रशासन सख्त: पांढुर्णा में तीन अहम बैठकों में कड़े निर्देश
सनसनीखेज प्रकरणों में सजा, नशामुक्ति अभियान और MedLEaPR के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुर्णा – जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, अपराधियों को सख्त सजा दिलाने, नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तथा न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज कलेक्टर कार्यालय पांढुर्णा के सभाकक्ष में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री की अध्यक्षता में तीन महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, आबकारी, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए।
सनसनीखेज प्रकरणों की समीक्षा: आरोपियों को सजा दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता
अपर कलेक्टर श्री अग्निहोत्री की अध्यक्षता में जिले के चिन्हित सनसनीखेज अपराधों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी, एसडीओपी पांढुर्णा श्री ब्रजेश भार्गव सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में कुल 09 सनसनीखेज प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं, जिनमें थाना पांढुर्णा के 06, थाना सौसर के 02 एवं थाना लोधीखेड़ा का 01 प्रकरण शामिल है।

अपर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नोडल अधिकारी गवाहों और फरियादियों को समय पर पेशी के लिए तैयार करें तथा एडीओपी यह सुनिश्चित करें कि न्यायालय में प्रकरणों की मजबूत और प्रभावी पैरवी हो, ताकि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके।
नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान: NCORD बैठक में विभागों को सख्त निर्देश
इसके पश्चात नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (NCORD) जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में नशामुक्ति एवं मादक पदार्थों के अवैध उपयोग और विक्रय पर पूर्ण नियंत्रण के लिए बहु-विभागीय रणनीति पर चर्चा की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को नशामुक्ति नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और स्कूल परिसरों में नशामुक्ति से जुड़े पोस्टर, कोटेशन एवं संदेश प्रदर्शित किए जाएं।
जिला स्वास्थ्य एवं औषधि विभाग को बिना बिल दवाइयों के विक्रय और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिला आबकारी अधिकारी को झोपड़पट्टियों एवं चिन्हित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर पुलिस के साथ समन्वय में कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया।
वन मण्डलाधिकारी को वनग्रामों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गांजा जैसी मादक फसलों की संभावित खेती पर निगरानी रखते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

MedLEaPR प्लेटफॉर्म: अब पूरी तरह ऑनलाइन होगीमेडिकल-लीगल प्रक्रिया
तीसरी बैठक में MedLEaPR डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि CCTNS के माध्यम से प्राप्त सभी मेडिको-लीगल केस (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट शत-प्रतिशत ऑनलाइन भेजी जाएं, जिससे समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
अधिकारियों को बताया गया कि MedLEaPR एक सुरक्षित, केंद्रीकृत और तकनीकी रूप से सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स को इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत करता है।
इससे न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय भी मजबूत होगा और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इन तीनों बैठकों के माध्यम से प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि
अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा,
नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार होगा,
और न्यायिक व मेडिकल प्रक्रियाओं में कोई लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम पांढुर्णा को सुरक्षित, नशामुक्त और सुशासित जिला बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

















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