बोरगांव में इंटक रेमंड की एकदिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
चार ‘काले श्रम कानूनों’ के खिलाफ प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन का ऐलान
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – बोरगांव में जिला वस्त्र उद्योग एम्प्लाईज यूनियन (इंटक) – रेमंड के तत्वावधान में एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सौसर विधायक विजय चौरे,कांग्रेस दल के मुख्य सचेतक एवं परासिया विधायक श्री सोहनलाल बाल्मिक जी तथा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर यादव जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। नेताओं ने कार्यशाला में सहभागिता करते हुए श्रमिकों को संबोधित किया और केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों पर तीखा प्रहार किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने मजदूरों के हितों को कुचलने और उद्योगपतियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चार श्रम संहिताएं (काले कानून) लागू की हैं, जिनसे मजदूरों का शोषण होना तय है। इन कानूनों से न केवल मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा खत्म होगी, बल्कि काम के घंटे बढ़ेंगे, यूनियन बनाने का अधिकार कमजोर होगा और न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

*मजदूर विरोधी कानूनों पर खुला मंथन*
कार्यशाला के दौरान चारों श्रम कानूनों पर विस्तार से विचार-मंथन किया गया। इंटक नेताओं और पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कानून श्रमिकों को स्थायी रोजगार से वंचित करेंगे, ठेका प्रथा को बढ़ावा देंगे,छंटनी को आसान बनाएंगे
मजदूरों की आवाज दबाने का हथियार बनेंगे।
*प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की तैयारी*

इंटक प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर यादव जी ने ऐलान किया कि इन मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ पूरे प्रदेश में चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित नहीं होते, तब तक इंटक चुप नहीं बैठेगी।
परासिया विधायक श्री सोहनलाल बाल्मिक जी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी और इन काले कानूनों को वापस लेने तक आवाज बुलंद की जाएगी।
*बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद*

इस अवसर पर इंटक रेमंड बोरगांव के समस्त पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष का संकल्प लिया।
यह कार्यशाला न केवल मजदूरों में जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि आने वाले समय में मजदूर आंदोलन को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

















Leave a Reply