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अपर सत्र न्यायालय पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन, अनेक प्रकरण हुए निराकृत

अपर सत्र न्यायालय पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन, अनेक प्रकरण हुए निराकृत

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के अंतर्गत अपर सत्र न्यायालय पांढुर्णा में श्री सुशांत हुद्दार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के कुशल मार्गदर्शन में आज दिन शनिवार को श्री आमोद आर्य, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा द्वारा माॅ सरस्वती एवं महात्मा गाॅंधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित एवं माल्र्यापण कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया।

नेशनल लोक अदालत शुभारंभ कार्यक्रम में श्रीमती हर्षिता पिपरेवार, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड पांढुर्णा, श्री संजीत चैरसिया प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड पांढुर्णा के प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश पांढुर्णा, श्री उमेश कुशवाह सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पांढुर्णा, श्री शिवेन्द्र सिंह तोमर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पांढुर्णा, श्री विजय केवटे अध्यक्ष अभिभाषक संघ पांढुर्णा, श्री अवतार सिंह रमगड़िया व अन्य अधिवक्तागण व तहसील न्यायालय पांढुर्णा के समस्त कर्मचारीगण, तहसील विधिक सेवा समिति पांढुर्णा से श्री प्रदीप कुमार गढ़ेवाल, सहायक ग्रेड-तीन सहित जिला पांढुर्णा के अंतर्गत बैंकों के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

आयोजित नेशनल लोक अदालत में नगर पालिका के जलकर के 272 प्रकरण प्रीलिटिगेशन रखे गये थे जिनमें से 35 प्रकरण निराकृत हुये तथा 35 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा राशि 70150 की वसूली हुई। इसी प्रकार संपत्ति कर के 283 प्रकरण प्रीलिटिगेशन रखे गये थे जिनमें से 38 प्रकरण निराकृत हुये तथा 38 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा राशि 119551 की वसूली हुई।

श्री आमोद आर्य, जिला न्यायाधीश पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा से कुल 80 प्रकरण रैफर किए गए थे। धारा 138 एन.आई.एक्ट अपील के कुल 05 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 02 प्रकरण निराकृत हुये, 04 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा 220000 की वसूली हुई। मोटर दुर्घटना दावा के 38 प्रकरण रेफर किये गये थे जिनमेें से 01 प्रकरण निराकृत हुये तथा 03 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा 1300000 की वसूली हुई। हिन्दु विवाह अधिनियम के कुल 30 प्रकरण रखे गए थे जिनमें से 04 प्रकरण निराकृत हुये तथा 08 व्यक्ति लाभान्वित हुये।
इसी प्रकार अन्य 05 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 05 प्रकरण निराकृत हुआ तथा 10 व्यक्ति लाभान्वित हुये। श्रीमती हर्षिता पिपरेवार, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड पांढुर्णा कुल 30 प्रकरण नेशनल लोक अदालत हेतु रैफर किए गए थे जिनमें से क्रिमिनल कम्पाउंटेबिल के 14 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 08 प्रकरण निराकृत हुये थे 16 व्यक्ति लाभान्वित हुये। धारा 138 एन.आई.एक्ट के कुल 07 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 07 प्रकरण निराकृत हुये तथा राशि 444571 वसूली हुई तथा 14 व्यक्ति लाभान्वित हुये इसी प्रकार अन्य सिविल के कुल 03 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 01 प्रकरण निराकृत हुआ तथा 4 व्यक्ति लाभान्वित हुये।


इसी प्रकार धारा 125 एम.जे.सी.आर. के कुल 06 प्रकरण रेफर किये गये थे जिनमंे से 05 प्रकरण निराकृत हुये तथा 10 व्यक्ति लाभान्वित हुये। श्री संजीत चैरसिया प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड पांढुर्णा के प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा से कुल 40 प्रकरण नेशनल लोक अदालत हेतु रैफर किए गए थे जिनमें से क्रिमिनल कम्पाउंटेबिल के 05 प्रकरण रखे गये थे। धारा 138 एन.आई.एक्ट के कुल 15 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 12 प्रकरण निराकृत हुये तथा राशि 556086 वसूली हुई तथा 24 व्यक्ति लाभान्वित हुये। हिन्दु विवाह अधिनियम के कुल 16 प्रकरण रखे गए थे जिनमें 15 प्रकरण निराकृत हुये तथा 30 व्यक्ति लाभान्वित हुये ।
इसी प्रकार अन्य सिविल के कुल 03 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 01 प्रकरण निराकृत हुआ तथा 02 व्यक्ति लाभान्वित हुये। यू.एन.सी.आर. के कुल 01 प्रकरण रखे गए थे जिनमें 01 प्रकरण निराकृत हुये तथा 02 व्यक्ति लाभान्वित हुये।

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