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किसानों की समस्याओं को लेकर कोयतोड़ आदिवासी समाज संघ का आंदोलन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

किसानों की समस्याओं को लेकर कोयतोड़ आदिवासी समाज संघ का आंदोलन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – जिला मुख्यालय पांढुरना में किसानों के हितों को लेकर कोयतोड़ आदिवासी समाज संघ के बैनर तले एकदिवसीय किसान आंदोलन शुक्रवार को आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों द्वारा वर्तमान समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

आंदोलन में किसानों ने अपनी महत्वपूर्ण समस्याएँ और माँगें सामने रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य, खाद की उपलब्धता, बिजली कटौती पर रोक, छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, तथा नांदनवाड़ी को पूर्ण तहसील का दर्जा देने जैसी माँगें शामिल रहीं।

किसानों की प्रमुख पाँच सूत्रीय माँगें

1. फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया जाए
किसानों ने मक्का, कपास, मूंगफली आदि फसलों को सरकार द्वारा MSP पर खरीदे जाने की माँग की, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

2. खाद उपलब्धता और बिजली कटौती पर रोक
किसानों ने बताया कि समय पर खाद उपलब्ध न होने से उनकी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही बिजली विभाग द्वारा लगातार की जा रही कटौती बंद कराने की माँग भी की गई।

3. छात्रों की छात्रवृत्ति राशि शीघ्र जारी की जाए
पिछले वर्ष से विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि आवंटित नहीं होने से बच्चों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए तत्काल राशि जारी करने की माँग की गई।

4. शिक्षा व्यवस्था में सुधार
स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, तथा विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति करने की माँग की गई ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

5. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना, आवश्यक स्वास्थ्य उपकरण मुहैया कराने तथा इमरजेंसी सेवाओं को दुरुस्त करने की माँग भी ज्ञापन में शामिल रही।

नांदनवाड़ी को पूर्ण तहसील घोषित करने की माँग
जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नांदनवाड़ी को पूर्ण तहसील का दर्जा दिए जाने और वहाँ पर्याप्त तहसील स्टाफ की नियुक्ति की माँग भी प्रमुख रही।

आंदोलन में प्रमुख रूप से उपस्थित

प्रदेश अध्यक्ष कमलेश धुर्वै, जिला अध्यक्ष अजय रामजी धुर्वे, उपाध्यक्ष शिवसागर वरखड़े, मोहित इवनाती, अरुण कबड़ेती, सुनील इरपाची, रंजना ताई आहके, रीता नरेश तुमड़ाम, मिथुन उइके, संजय इरपाची, अंकुर रावण गोंड, किशोर उहके, अरुण उइके, दिनु धुर्वे, सुरातराम उइके, संदीप इवनाती, अरविंद वरखडे, आशीष आहाके, जयदेव उइके, भगवानशाह उइके, मनोज कोड़ापे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार किसानों, छात्रों और आमजन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में शीघ्र कदम उठाएगी।

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