भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस का भव्य जिला स्तरीय आयोजन सम्पन्न
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

जनजातीय व्यंजनों की प्रदर्शनी और लोकनृत्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
पांढुर्णा। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एम.पी.एल. ग्राउंड पांढुर्णा में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, सांस्कृतिक गरिमा और जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं, जीवन-मूल्यों और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने का प्रतीक बनकर उभरा।
जनजातीय व्यंजनों की प्रदर्शनी ने मोहा मन
कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति से जुड़े पारंपरिक व्यंजनों की अनोखी प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
महुआ, कोदो-कुटकी, बाजरा, झर्रा चावल, सिंघाड़ा, वनौषधियों एवं वन उपज से बने व्यंजनों ने जनजातीय परंपरा की समृद्ध खाद्य संस्कृति को सजीव रूप से प्रदर्शित किया।

लोकनृत्य ने बढ़ाई सांस्कृतिक शोभा
जनजातीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल पर मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। जनजाति के कलाकारों ने अपने परंपरागत नृत्य-गीतों से कार्यक्रम स्थल में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना दिया।
दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण
सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देते हुए इस अवसर पर 7 दिव्यांग जनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।
इस पहल ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बनाते हुए ‘समान अवसर’ के संदेश को मजबूत किया।

विशिष्ट जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों में—
विधायक श्री निलेश उईके
कलेक्टर पांढुर्णा श्री नीरज कुमार वशिष्ठ
पुलिस अधीक्षक श्री सुन्दर सिंह कनेश
अनुसूचित जनजाति आयोग परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष श्री प्रकाश उईके
पूर्व मंत्री श्री नाना भाऊ मोहोड
जनपद अध्यक्ष सौंसर श्री संजय भूते
नगर पालिका अध्यक्ष श्री संदीप घाटोडे
एडीएम श्री नीलमणि अग्निहोत्री
संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी
श्रीमती वैशाली महाले
अनुविभागीय अधिकारी के
साथ ही तहसीलदार, सीईओ जनपद पांढुर्णा, सीईओ जनपद सौंसर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य
इस जिला स्तरीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य था—
भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान व प्रेरणादायी राष्ट्रसेवा का स्मरण
जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
परंपराओं, लोककला और खाद्य संस्कृति को प्रोत्साहन
सामाजिक एकता, समरसता और गौरव का संवर्धन
कार्यक्रम स्थल पर उमड़ा जनसागर
जनजातीय गौरव दिवस के इस ऐतिहासिक आयोजन में ग्रामीण क्षेत्रों से आए समुदायों की भारी भागीदारी देखने को मिली।
मंच पर विराजित अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

समापन
कार्यक्रम ने पांढुर्णा जिले में एक नई सांस्कृतिक ऊर्जा और सामुदायिक एकता का संदेश प्रसारित किया।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का यह आयोजन जनजातीय समाज के गौरवपूर्ण इतिहास और स्वाभिमान का प्रेरक स्मरण बनकर दर्ज हुआ।


















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