किसानों की समस्याओं पर भारतीय किसान संघ का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना जिले के किसानों ने उठाई ऋण माफी, समर्थन मूल्य और बीमा क्लेम की मांग
पांढुरना – भारतीय किसान संघ (भाकिसं), जिला पांढुरना ने आज जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर किसानों की आठ सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
यह ज्ञापन भाकिसं के जिलाध्यक्ष राजकुमार जायसवाल तथा तहसील अध्यक्ष प्रदीप खक्से के नेतृत्व में सौंपा गया। जिला मीडिया प्रभारी निलेश कलसकर ने बताया कि किसानों की समस्याएँ वर्षों से लंबित हैं और अब इनके समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य माँगें
1. मक्का का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग
किसानों ने इस वर्ष मक्का के लिए समर्थन मूल्य ₹2400 प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के बावजूद उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान नुकसान में जा रहे हैं।
2. कृषक ऋण माफी में लंबित प्रकरणों का निपटान
मुख्यमंत्री कृषक ऋण माफी योजना (सत्र 2023) के कई पात्र किसान अभी तक लाभ से वंचित हैं। संघ ने इन सभी लंबित ऋणों को अविलंब माफ करने की मांग की है।
₹1 फसल बीमा की विशेष मांग
भाकिसं ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा उद्यानिकी फसलों (गोभी, संतरा, टमाटर आदि) सहित सभी फसलों का बीमा प्रीमियम केवल ₹1/- करने की मांग की है, ताकि हर किसान कवरेज प्राप्त कर सके।
साथ ही, वर्ष 2016 से अब तक किसानों को वितरित सभी बीमा क्लेम की सूची कृषि विभाग एवं बैंकों में सार्वजनिक रूप से चस्पा करने की मांग की गई है।
किसानों को बीमा योजना के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायतों में बीमा पाठशालाएँ आयोजित करने का भी सुझाव दिया गया है।
सिंचाई, मुआवज़ा और खाद से संबंधित प्रमुख मुद्दे
सिंचाई के नए विद्युत कनेक्शन
पूर्व क्षेत्र में नए विद्युत कनेक्शन की दर मध्य क्षेत्र की तरह ₹5/- निर्धारित करने की मांग की गई है।

भुली जलाशय प्रभावितों का मुआवज़ा
जलाशय से प्रभावित किसानों को मोरडोंगरी गाइडलाइन के अनुसार उचित मुआवज़ा देने की मांग की गई।
रबी फसल हेतु खाद उपलब्धता
समय पर खाद पहुँचाने हेतु पांढुरना में खाद की रैक लगाकर पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन 14 नवंबर 2025 को सौंपे गए इस ज्ञापन पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करता, तो आगामी समय में सड़क जाम, धरना एवं उग्र प्रदर्शन जैसे बड़े कदम उठाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।


















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