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तिगांव में पशु औषधालय की मांग तेज, किसानों ने स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की रखी मांग

तिगांव में पशु औषधालय की मांग तेज, किसानों ने स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की रखी मांग

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

उपचार में देरी से पशुओं की मौत, किसानों में बढ़ रहा आक्रोश

पांढुरना – ग्राम तिगांव के किसानों और पशु पालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर तिगांव में स्थायी पशु चिकित्सालय और पशु चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की है। ग्राम तिगांव में पशुपालक किसानों ने पशु चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर असंतोष व्यक्त किया है। ग्राम तिगांव में पशु उपकेन्द्र तो है, लेकिन डॉक्टर की अनुपलब्धता के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल पशु औषधालय के निर्माण और स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की मांग उठाई है।

तिगांव के साथ-साथ आसपास के ग्राम— मोही, माण्डवी, बोरगांव, चिकनी, पिपलपानी और सातभाई—के पशुपालक भी इसी उपकेन्द्र पर निर्भर हैं। क्षेत्र में पशु एवं दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों की संख्या अधिक होने के बावजूद उन्हें निरंतर सेवाएं नहीं मिल पातीं।

डॉक्टर तिगांव में उपलब्ध नहीं, 60 किमी की दूरी से आते हैं

उपकेन्द्र के लिए नियुक्त अधिकारी डॉ. भानुप्रताप कौराईक वर्तमान में पशु औषधालय धनोरा में पदस्थ हैं और तिगांव का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं। सप्ताह में केवल तीन दिन ही तिगांव में सेवाएं देने के कारण किसानों को अत्यावश्यक समय पर उपचार नहीं मिल पाता।

तिगांव से धनोरा की दूरी करीब 60 किलोमीटर होने के कारण त्वरित उपचार असंभव हो जाता है। किसानों का कहना है कि डॉक्टर समय पर मौजूद नहीं होते, जिससे कई बार गंभीर बीमार पशुओं को उपचार न मिलने से मौत तक हो जाती है, और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।

किसानों में आक्रोश, बार-बार शिकायतें

पशुपालकों ने बताया कि उपकेन्द्र होने के बावजूद यहां नियमित सेवाएं नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है।

तिगांव में नया पशु औषधालय बनाने की मांग

किसानों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि तिगांव में पूर्ण विकसित पशु औषधालय का निर्माण किया जाए।
स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति कर पशुपालकों को नियमित उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
क्षेत्र के कई गांवों की बड़ी आबादी को देखते हुए तिगांव को स्वतंत्र एवं मजबूत पशु चिकित्सा केंद्र बनाया जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों के मुख्यतः नीरज वानखडे (वाटर हीरो,जल प्रहरी)
प्रणय वलकूल, शैलेश कोठे, निमिष, संकेत रोकड़े अनीश खान शेख सिराज एवं बड़ी संख्या में किसान और पशु पालक उपस्थित थे।

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